यास चक्रवात: निपटने को युद्ध जैसी तैयारी, नौसेना के चार जंगी जहाज, वायुसेना के 11 मालवाहक व 25 हेलिकॉप्टर लगे

यास चक्रवात: निपटने को युद्ध जैसी तैयारी, नौसेना के चार जंगी जहाज, वायुसेना के 11 मालवाहक व 25 हेलिकॉप्टर लगे

ताउते के बाद अब बंगाल की खाड़ी में 155-165 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहे चक्रवात यास से निपटने के लिए सेना ने युद्ध जैसी तैयारी की है। नौसेना के चार जंगी जहाजों और हेलिकॉप्टरों, जबकि वायुसेना के 11 मालवाहक विमानों और चीता, चेतक व एमआई-17 जैसे 25 हेलिकॉप्टरों की तैनाती की गई है।

इसके अलावा पांच सी-130 विमान, दो डॉर्नियर विमान और चार एएन-32 विमानों ने भी मोर्चा संभाल रखा है। वहीं, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की करीब 70 टीमें तैनात की गई हैं। इनमें से 46 टीमें तो पश्चिम बंगाल, ओडिशा समेत पांच राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में नावों, पेड़ काटने वालों, दूरसंचार उपकरणों आदि से लैस हैं। इसके अलावा 13 टीमों को रविवार को तैनाती के लिए एयरलिफ्ट किया जा रहा है और 10 टीमों को सतर्क और तैयार रहने को कहा गया है। यास से निपटने के लिए रविवार को राज्यों और केंद्रीय मंत्रालयों/एजेंसियों की तैयारियों की समीक्षा के लिए बुलाई गई उच्चस्तरीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह जानकारियां दी गईं।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने पीएम को बताया कि 155-165 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आने वाला यास 26 मई की शाम को 185 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम बंगाल और उत्तर ओडिशा के तटों से तटकरा सकता है। इससे बंगाल तथा उत्तर ओडिशा के तटीय जिलों में भारी वर्षा हो सकती है। 

आईएमडी ने यह चेतावनी भी दी है कि बंगाल और ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में लगभग 2-4 मीटर ऊंचा तूफान आ सकता है। गृह मंत्रालय 24 घंटे हालात की समीक्षा कर रहा है औ तटीय राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और संबंधित मंत्रालयों/एजेंसियों के संपर्क में है। बैठक में गृह मंत्री अमित शाह के अलावा प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव, कैबिनेट सचिव समेत कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। 

पश्चिमी तट पर भी सात जहाज तैयार 
भारतीय तटरक्षक बल भी तटीय इलाकों में लोगों की सुरक्षा के लिए तैयार हैं। वहीं, मानवीय मदद के लिए सात जहाज और आपदा राहत टीमों को पश्चिमी तट पर किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। 

तेल प्रतिष्ठान सुरक्षित रखने और बिजली बहाली के लिए उठाए गए कदम 
पेट्रोलियम तथा प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा समुद्र में सभी तेल प्रतिष्ठानों को सुरक्षित रखने तथा जहाजों को सुरक्षित बंदरगाह पर लाने के कदम उठाए गए हैं। बिजली मंत्रालय ने आपात प्रतिक्रिया प्रणाली सक्रिय कर दी है और ट्रांसफॉर्मरों और संबंधित उपकरणों को तैयार रखा है, ताकि बिजली की फौरन बहाली की जा सके। दूरसंचार मंत्रालय टावरों और एक्सचेंजों पर निरंतर निगरानी रखे हुए है और दूरसंचार नेटवर्क को बहाल करने के लिए पूरी तरह तैयार है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने प्रभावित होने वाले राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों को स्वास्थ्य क्षेत्र की तैयारियों और प्रभावित इलाकों में कोविड की स्थिति से निपटने के लिए परामर्श जारी किया है।  

पीएम ने कहा, जोखिम वाले क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित निकालें 
प्रधानमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों को राज्यों के साथ निकट सहयोग के साथ काम करने को कहा है ताकि अधिक जोखिम वाले क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित ढंग से निकाला जा सके। उन्होंने सभी विभागों को बिजली तथा दूरसंचार नेटवर्क में कटौती का समय कम करने और बिजली तथा दूरसंचार नेटवर्क की तेजी से बहाली के निर्देश दिए। 

अति भयावह हालात के हिसाब से तैयारी करें ओडिशा-बंगाल : एनडीआरएफ चीफ 
पिछले साल अम्फान चक्रवात के कारण भयावह हालात से गुजरे पश्चिम बंगाल और ओडिशा को राष्ट्रीय आपदा बचाव दल (एनडीआरएफ) के प्रमुख एसएन प्रधान ने इससे भी ज्यादा भयानक स्थिति के लिहाज से तैयारी की सलाह दी है। प्रधान ने रविवार को दोनों राज्यों के अधिकारियों से ‘अतिरिक्त तैयारी’ का नजरिया अपनाने और कम खतरे वाले इलाकों से भी आम जनता को दूसरे स्थानों पर ले जाने की अपील की। 

उन्होंने कहा, जनता को दूसरी जगह शिफ्ट करने के काम में लगे लोगों को हालात की गंभीरता समझनी चाहिए। साथ ही जनता को भी यह समझाना चाहिए कि दूसरी जगह जाकर अस्थायी परेशानी और मौत के बीच का ही विकल्प मौजूद है। उन्होंने कहा, सालों के हमारे अनुभव में हमने सीखा है कि यदि आपदा का अनुमान एक्स है तो आपको 2एक्स के हिसाब से तैयारी करनी चाहिए, क्योंकि एक प्राकृतिक घटना कुछ ही घंटों में बेहद भयावह स्थिति में बदल सकती है। इसलिए यदि 150 किलोमीटर प्रति घंटा के खतरनाक चक्रवात का अनुमान जारी किया गया है तो आपको अति गंभीर चक्रवात के हिसाब से तैयार रहना चाहिए। 

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