बढ़ सकता है खतरा: देशभर के 174 जिलों में मिले कोरोना के नए घातक स्वरूप

बढ़ सकता है खतरा: देशभर के 174 जिलों में मिले कोरोना के नए घातक स्वरूप

कोरोना की तीसरी लहर की आशंकाओं के बीच राजधानी दिल्ली समेत, पंजाब, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, केरल और गुजरात में कोरोना के गंभीर स्वरूपों का पता चला है जो कोरोना के संक्रमण की रफ्तार को बढ़ा सकते हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस बीच लोगों खास सतर्कता बरतने की सलाह दी है। दरअसल, देशभर के 174 जिलों में कोरोना के ‘अल्फा’, ‘बीटा’, ‘गामा’ और ‘डेल्टा’ स्वरूप की मौजूदगी का पता चला है। कोरोना के इन नए स्वरूपों की वजह से एक बार फिर कोरोना के तेजी से संक्रमण का खतरा पैदा हो गया है। यही नहीं, ये नए स्वरूप टीके की खुराक ले चुके लोगों को भी अपनी चपेट में ले रहे हैं।

बता दें, अभी तक कोरोना वायरस के 120 से भी अधिक म्यूटेशन की पहचान भारत में हुई है, लेकिन इनमें से अल्फा, बीटा, गामा और डेल्टा स्वरूप ने सबसे अधिक असर दिखाया है। इसके बाद ‘डेल्टा प्लस’ स्वरूप भी तेजी से बढ़ रहा है। 

जहां संक्रमण अधिक, वहां लग सकता है लॉकडाउन 
पूर्वोत्तर राज्यों में बढ़ते कोरोना के ग्राफ के मद्देनजर एक बार फिर लॉकडाउन लगाने पर विचार किया जा सकता है। अब तक 73 से अधिक जिलों में संक्रमण दर 10 फीसदी से अधिक हो चुकी है जिनमें से 48 जिले पूर्वोत्तर राज्यों से हैं। 

बुधवार को केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में फैसला लिया गया है कि जहां संक्रमण अधिक होगा, वहां लॉकडाउन लगाया जा सकता है। 

अक्तूबर के बाद सबसे कम साप्ताहिक मौतें: डब्ल्यूएचओ 
 दुनिया भर में पिछले सप्ताह कोरोना के मामले बढ़े हैं, लेकिन एक सप्ताह में मौतों की संख्या घटकर अक्तूबर के बाद से सबसे निचले स्तर पर है। संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी ने बुधवार को साप्ताहिक महामारी विज्ञान रिपोर्ट में कहा कि यूरोपीय क्षेत्र के 53 देशों में संक्रमण के मामलों में 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है। 

डब्ल्यूएचओ ने कहा कि 28 जून से 4 जुलाई के बीच कोरोना के 26 लाख से अधिक नए मामले सामने आए, जो पिछले सप्ताह की तुलना में मामूली वृद्धि थी, जबकि सप्ताह में दर्ज की गई मौतों की संख्या सात प्रतिशत घटकर 54 हजार रह गई। यह अक्तूबर के बाद सबसे कम आंकड़ा है।