पंजाब Live: नवजोत सिद्धू के नजदीकी सुखजिंदर रंधावा बने सीएम, बनाए जाएंगे दो उपमुख्यमंत्री

सुखजिंदर रंधावा ने कहा कि सरकार चाहे 4 महीने की हो या 4 दिन की, काम करने वाले के लिए ये समय पर्याप्त है। उन्होंने कहा कि अगर किसी ने काम नहीं करना है तो उसके लिए 4 साल भी कम हैं। मुख्यमंत्री की शपथ को लेकर उन्होंने कहा इस पर अंतिम फैसला आलाकमान ही करेगा।

पंजाब Live: नवजोत सिद्धू के नजदीकी सुखजिंदर रंधावा बने सीएम, बनाए जाएंगे दो उपमुख्यमंत्री

नवजोत सिद्धू के करीबी विधायक सुखजिंदर रंधावा पंजाब के नए मुख्यमंत्री होंगे। कुछ ही देर में इसका औपचारिक एलान हो सकता है। कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह कोटकपूरा और दर्शन सिंह बराड़ ने भी इसकी पुष्टि की है। वहीं सुखजिंदर रंधावा ने कहा कि सरकार चाहे 4 महीने की हो या 4 दिन की, काम करने वाले के लिए ये समय पर्याप्त है। उन्होंने कहा कि अगर किसी ने काम नहीं करना है तो उसके लिए 4 साल भी कम हैं। मुख्यमंत्री की शपथ को लेकर उन्होंने कहा इस पर अंतिम फैसला आलाकमान ही करेगा। वहीं कांग्रेस आलाकमान पंजाब में वन प्लस 2 के फार्मूले का उपयोग करेगी। मुख्यमंत्री के साथ दो उपमुख्यमंत्री बनाए जाएंगे। इसमें एक दलित और दूसरा हिन्दू होगा। दलित कोटे से अरुणा चौधरी और चरणजीत सिंह चन्नी और हिन्दू चेहरे के लिए विजय इंदर सिंगला और भारत भूषण आशु का नाम चल रहा है। चंडीगढ़ में रंधावा के आवास के बाहर कार्यकर्ता जुटने लगे हैं।

इससे पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफे के बाद रविवार को चंडीगढ़ में होने वाली कांग्रेस विधायक दल की बैठक स्थगित कर दी गई थी। कई दिग्गज कांग्रेसी नेताओं के नामों पर मंथन किया जा रहा था। इसमें अंबिका सोनी से भी सोनिया गांधी ने राय ली थी। हालांकि सोनी ने मुख्यमंत्री पद की पेशकश को ठुकरा दिया है। राहुल गांधी से मिलने पहुंचीं सोनी ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री का चेहरा सिख होना चाहिए। 

कैप्टन पर भड़के सिद्धू के सलाहकार 
पंजाब कांग्रेस प्रमुख नवजोत सिंह सिद्धू के सलाहकार मोहम्मद मुस्तफा ने कहा कि नवजोत सिद्धू देशद्रोही नहीं हैं। अगर अब के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह सिद्धू को देशद्रोही कहेंगे तो मैं पूरी किताब खोल दूंगा। कैप्टन के निशाने पर सिद्धू नहीं बल्कि गांधी परिवार है। मैं गांधी परिवार को निशाना नहीं बनने दूंगा। कैप्टन अमरिंदर सिंह पिछले पांच साल से पंजाब को बदनाम कर रहे हैं। इस पार्टी के लोग उन्हें पिछले साढ़े चार साल से बर्दाश्त करते आ रहे हैं। मैं पार्टी का नेता होता तो कैप्टन को 30 दिन में पार्टी से निकाल देता। 

कैप्टन ने सोनिया को लिखा था पत्र 
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस्तीफा देने से पहले सोनिया गांधी को पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने लिखा था कि उनकी सरकार ने साढ़े चार साल के कार्यकाल में 89 फीसदी वादों को पूरा किया है। चिट्ठी में कैप्टन ने पंजाब कांग्रेस में हो रहे राजनीतिक फेरबदल के कारण प्रदेश में अस्थिरता पैदा होने की भी आशंका जाहिर की। 

दिल्ली से होगी घोषणा 
पंजाब से पहले नंबर पर सुनील जाखड़ और दूसरे पर नवजोत सिंह सिद्धू के नाम की चर्चा चल रही है। मुख्यमंत्री पद के लिए सुनील जाखड़ के नाम को लेकर अधिक संभावनाएं बनी हुई हैं। इस कारण से उनके घर कई कांग्रेसी विधायक बधाई देने के लिए पहुंच रहे हैं। दूसरी तरफ नवजोत सिंह सिद्धू खेमे के विधायक भी लामबंद हो रहे हैं। हालांकि 11 बजे आज होने वाली विधायक दल की बैठक स्थगित होने के कारण अब जो भी मुख्यमंत्री के लिए चेहरा फाइनल होगा उसके नाम की घोषणा दिल्ली से ही की जाएगी। 

इससे पहले शनिवार शाम चंडीगढ़ स्थित कांग्रेस भवन में पंजाब कांग्रेस विधायक दल की बैठक में नेता के चयन की जिम्मेदारी पार्टी हाईकमान को सौंप दी गई थी। कैप्टन के इस्तीफे के बाद, कांग्रेस की एक महत्वपूर्ण बैठक शनिवार को नई दिल्ली में राहुल गांधी के आवास पर संपन्न हुई थी। कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल और अंबिका सोनी ने बैठक में भाग लिया था। 

विधायकों की अलग-अलग राय 
शनिवार की बैठक में शामिल परगट सिंह ने कहा कि सीएलपी की एक और बैठक की जरूरत नहीं है। कल की बैठक में एक प्रस्ताव दिया गया था हालांकि यह आलाकमान का विशेषाधिकार है। वहीं विधायक कुलदीप वैद ने सुनील जाखड़ से मुलाकात के बाद कहा कि हम सोनिया गांधी के आदेश का इंतजार कर रहे हैं। इसके तुरंत बाद सीएलपी की बैठक में फैसला लिया जाएगा। कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफे के पीछे एक पृष्ठभूमि और मुद्दे हैं। 

गांधी परिवार की करीबी हैं सोनी 
पूर्व सूचना एवं प्रसारण मंत्री और राज्यसभा में पंजाब का प्रतिनिधित्व कर रहीं अंबिका सोनी अविभाजित पंजाब के लाहौर (अब पाकिस्तान में) में पैदा हुई थीं। उनके पिता नकुल सोनी अमृतसर में डीसी रह चुके थे। सिर्फ 21 साल की उम्र में सोनी कांग्रेस से जुड़ीं और 1975 में यूथ कांग्रेस की पहली महिला अध्यक्ष बनीं। वे गांधी परिवार की काफी करीबी मानी जाती हैं।  

सुनील जाखड़ के नाम से रंधावा को दिक्कत 
सूत्रों के अनुसार बैठक में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ के नाम पर सहमति बन गई थी लेकिन यह भी पता चला है कि सुखजिंदर सिंह रंधावा ने किसी हिंदू को विधायक दल का नेता बनाए जाने पर आपत्ति दर्ज कराते हुए जाट-सिख को नेता बनाने की मांग रख दी है। रंधावा अपनी इस मांग पर अड़े थे, जिसे ध्यान में रखते हुए हाईकमान ने रविवार को विधायक दल की फिर से बैठक बुलाकर नेता चुनने का फैसला किया है।   

बैठक से पहले कैप्टन ने दे दिया था इस्तीफा 
चंडीगढ़ में शनिवार शाम बुलाई गई पंजाब कांग्रेस विधायक दल की बैठक से पहले ही कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। राज्यपाल को इस्तीफा सौंपने के बाद कैप्टन विधायक दल की बैठक में नहीं पहुंचे थे, हालांकि उनके समर्थक सभी विधायकों ने इसमें शिरकत की थी। विधायक दल की बैठक में 79 विधायक और पार्टी हाईकमान द्वारा नियुक्त किए गए तीन आब्जर्वर भी उपस्थित रहे। वहीं, आम आदमी पार्टी से कांग्रेस में शामिल हुए विधायक सुखपाल सिंह खैरा, जगदेव सिंह कमालू, निर्मल सिंह खालसा और निर्मल सिंह मनशिआ भी कांग्रेस भवन में मौजूद थे लेकिन उन्हें विधायक दल की बैठक में प्रवेश नहीं दिया गया।  

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