बाँदा जीले के नरैनी विधानसभा मे जमकर कर हुई वोटिंग।

बाँदा जीले के नरैनी विधानसभा मे जमकर कर हुई वोटिंग।
बाँदा जीले के नरैनी विधानसभा मे जमकर कर हुई वोटिंग।
बाँदा जीले के नरैनी विधानसभा मे जमकर कर हुई वोटिंग।
बाँदा जीले के नरैनी विधानसभा मे जमकर कर हुई वोटिंग।
बाँदा जीले के नरैनी विधानसभा मे जमकर कर हुई वोटिंग।

23 फरवरी को सभी को इंतजार था कि कब आए और हम् वोट कर सके सुबह से हि सभी वोटर अपना टाइम निकालकर वोट डालने गए और अपने अपने उम्मीद्वार को वोट दिया अब देखना ये ह कि कौन यहाँ से बाजी मारेगा और किसको मिलेगी कुर्सी किसी ने जाती देखकर वोट किया तो किसी ने विकास देखकर अब ये नतीजे आने के बाद सब देखने को मिलेगा।

नरैनी में किसका पलड़ा भारी?

नरैनी सुरक्षित विधानसभा में बीएसपी के गया चरण दिनकर और बीजेपी के ओममणि वर्मा के बीच सीधी टक्कर है। एसपी की किरण देवी वर्मा चुनाव मैदान में जरूर हैं लेकिन मुकाबला यहां द्विपक्षीय ही है। यहां एक किताब की दुकान पर बैठे पेशे से शिक्षक रामेश्वर ने बताया कि इस बार बुंदेलखंड में बीएसपी के वोटर उसकी तरफ लौट रहे हैं। इस सीट पर मुकाबला काफी रोचक है। हालांकि, वहीं बैठे बीजेपी समर्थक रामशंकर ने बताया कि वह दलित हैं लेकिन बीएसपी को वोट नहीं करेंगे।

बबेरू विधानसभा में त्रिकोणीय जंग

बीजेपी के अजय सिंह पटेल यहां कड़े मुकाबले में फंसे हुए हैं। बीएसपी ने यहां से रामसेवक शुक्ला को उतारकर ब्राह्मण वोटों में सेंध लगाने की कोशिश की है। वहीं एसपी ने विशंभर सिंह यादव मुकाबले को त्रिकोणीय बना चुके हैं। इस सीट पर बीजेपी के लिए बीएसपी ने सिरदर्दी खड़ी कर दी है। ब्राह्मण वोटों के छिटकने का डर बना हुआ है। हालांकि, एक जूता पॉलिस करवा रहे राजेश शुक्ला ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं होगा और ब्राह्मण एकमुश्त बीजेपी को ही वोट करेंगे। विशंभर यादव यहां से दो बार पहले भी विधायक रह चुके हैं इस सवाल पर शुक्ला ने कहा कि देखते जाइए बीजेपी ही जीतेगी। एक साइकिल के दुकान पर जब हमने रमेश्वर से पूछा तो उन्होंने कहा कि वह बीएसपी के साथ जाएंगे हालांकि पिछली बार उन्होंने बीजेपी को वोट दिया था।

कुल मिलाकर बांदा जिले की सभी चार विधानसभा सीटों पर मुकाबला कांटे का है। पिछली बार जिस तरह बीजेपी ने लहर में सभी सीटों पर कब्जा किया था वैसा इसबार होता नहीं दिख रहा है।

सुभाष मिश्रा बाँदा।