मध्य प्रदेश: सीधी में पत्रकार और रंग कर्मियों को थाने के अंदर किया गया अर्धनग्न

पीड़ित पत्रकार कनिष्क तिवारी ने बताया है कि वह शनिवार शाम को कोतवाली के बाहर रंगकर्मी नीरज कंदेर की रिहाई और सरकार के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन की खबर कवर करने गए थे तभी पुलिस कर्मी प्रदर्शन कर रहे लोगों के साथ उन्हें भी थाने ले गए पुलिसकर्मियों ने मेरे और प्रदर्शन करने वाले 8 लोगों के कपड़े उतार कर फोटो खींचो और उन्हें वायरल कर दिया. कनिष्क ने आरोप लगाया कि सामाजिक मुद्दों को लेकर कई बार खबरों के माध्यम से उन्होंने विधायक को घेर लिया था.

मध्य प्रदेश: सीधी में पत्रकार और रंग कर्मियों को थाने के अंदर किया गया अर्धनग्न

मध्यप्रदेश ( सीधी): मध्य प्रदेश के सीधी में भाजपा विधायक के खिलाफ खबर लिखने पर पत्रकार समेत नौ लोगों को थाने में बंद कर कपड़े उतरवाने का मामला सामने आया है पुलिस कर्मियों ने इनके अर्धनग्न फोटो खींच कर उन्हें वायरल भी कर दिया है.

मध्य प्रदेश के सीधी के कोतवाली थाने में पत्रकार के कपड़े उतरवाने के मामले में थाना प्रभारी और एक सब इंस्पेक्टर को लाइन अटैच किया है। कपड़े उतरवाने पर थाना प्रभारी की सफाई भी सामने आई है। 

 

मध्य प्रदेश के सीधी के कोतवाली थाने में पत्रकार के कपड़े उतरवाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। रीवा ज़ोन के आईजी ने इस मामले में थाना प्रभारी और एक सब इंस्पेक्टर को लाइन अटैच कर दिया है। कांग्रेस भी इस मामले में हमलावर हो गई है।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इसे 'लॉकअप में लोकतंत्र के चौथे स्तंभ का चीरहरण' बताया। इस मामले में संज्ञान लेकर मध्यप्रदेश मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष जस्टिस नरेन्द्र कुमार जैन ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) रीवा से एक सप्ताह में जवाब मांगा है। 

दरअसल, सीधी के कोतवाली थाने में पत्रकार कनिष्क तिवारी और अन्य लोगों पर धारा 151 के तहत केस दर्ज किया गया था। मामला भाजपा विधायक केदारनाथ सिंह से जुड़ा हुआ है। पत्रकार और रंगकर्मियों से थाने में कपड़े उतरवाए गए थे और उन्हें अंडरवियर में ही लॉकअप में बंद किया गया। इस मामले में थाना प्रभारी मनोज सोनी की सफाई भी सामने आई है। मनोज सोनी ने कहा कि पकड़े गए लोग पूरी तरह से न्यूड नहीं हैं। उन्होंने अंडरवियर पहन रखी है। हम सुरक्षा की दृष्टि से अपराधियों को हवालात में अंडरवियर में रखते हैं। पूरे कपड़े पहने होने पर अपराधी फांसी भी लगा सकते हैं। इस तरह की घटनाएं भी खूब हो रही हैं। इस वजह से हमने उनके कपड़े उतरवा लिए थे। 

वहीं, मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कमलनाथ ने सोशल मीडिया पर लिखा कि मध्यप्रदेश के सीधी में मीडिया से जुड़े लोगों की जिस तरह की तस्वीरें सामने आई है, वह बेहद शर्मनाक है। जिस तरह के राजनीतिक दबाव की बात सामने आ रही है, उसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। इस पूरे मामले में दोषियों पर जो कार्यवाही की गई है, वह नाकाफी है। जिम्मेदारों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

 संवाददाता अभिषेक गुप्ता की खास रिपोर्ट