कानपुर के पुलिस कमिश्नर ने वीआरएस के लिए किया आवेदन, विधानसभा चुनाव लड़ने की उम्मीद

उत्तर प्रदेश में चुनाव का शंखनाद हो चुका है राजनीतिक दल 2022 के सियासी दंगल में कूच कर चुके है और सभी राजनीतिक दलों ने अपनी कमर कस लिया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जीत की हुंकार भरी है ,तो सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा ने 10 मार्च को भारतीय जनता पार्टी का सूबे से सफाया हो जाएगा।

कानपुर के पुलिस कमिश्नर ने वीआरएस के लिए  किया आवेदन, विधानसभा चुनाव लड़ने की उम्मीद

कानपुर के पुलिस कमिश्नर असीम अरुण ने वीआरएस के लिए आवेदन किया है। उन्होंने जारी किए गए बयान में कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें भाजपा में शामिल होने का प्रस्ताव दिया है।

यूपी चुनाव की तारीखों का एलान हो चुका है और सभी दलों ने इसका स्वागत करते हुए अपनी-अपनी जीत के दावे किए हैं। इस बीच कानपुर के पुलिस कमिश्नर असीम अरुण ने वीआरएस (एच्छिक सेवा निवृत्ति) के लिए आवेदन किया है। उन्होंने जारी किए गए बयान में कहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें भाजपा में शामिल होने का प्रस्ताव दिया है। इसके बाद से उनके विधानसभा चुनाव लड़ने के कयास लगाए जा रहे हैं।

इस संबंध में बयान जारी करते हुए उन्होंने कहा कि मैंने एच्छिक सेवा निवृत्ति के लिए आवेदन किया है क्योंकि अब राष्ट्र और समाज की सेवा एक नए रूप में करना चाहता हूं। मैं बहुत गौरवांवित अनुभव कर रहा हूं कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुझे भाजपा की सदस्यता के योग्य समझा।

उन्होंने कहा कि मैं प्रयास करूंगा कि पुलिस बलों के संगठन के अनुभव और सिस्टम विकसित करने के कौशल से पार्टी को अपनी सेवाएं दूं और पार्टी में विविध अनुभव के व्यक्तियों को शामिल करने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल को सार्थक बनाऊं।

मैं प्रयास करूंगा कि महात्मा गांधी द्वारा दिए गए तिलस्म कि सबसे कमजोर और गरीब व्यक्ति के हितार्थ हमेशा कार्य करूं, आईपीएस की नौकरी और अब यह सम्मान, सब बाबा साहेब अंबेडकर द्वारा अवसर की समानता के लिए रचित व्यवस्था के कारण ही संभव है। मैं उनके उच्च आदर्शों का अनुसरण करते हुए अनुसूचित जाति और जनजाति एवं सभी वर्गों के भाइयों और बहनों के सम्मान, सुरक्षा और उत्थान के लिए कार्य करूंगा। मैं समझता हूं कि यह सम्मान मुझे मेरे पिता स्वर्गीय श्रीराम अरुण एवं माता स्वर्गीय शशि अरुण के पुण्य कर्मों के प्रताप के कारण ही मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि मुझे केवल एक ही कष्ट है कि अपनी अलमारी के सबसे सुंदर वस्त्र, अपनी वर्दी को अब नहीं पहन सकूंगा। मैं साथियों से विदा लेते हुए वचन देता हूं कि वर्दी के सम्मान के लिए हमेशा सबसे आगे मैं खड़ा रहूंगा। आपको मेरी ओर से एक जोरदार सैल्यूट...

आपको बताते चलें असीम अरुण 1994 बैच के आईपीएस अफसर है इनकी गिनती सुबे में तेजतर्रार अधिकारी के रूप में होती है। और डायल 112 के एडीजी का भी पदभार संभाल चुके हैं। उनका कानपुर में पुलिस कमिश्नर का पदभार बेदाग रहा है।

संवाददाता अभिषेक गुप्ता की खास रिपोर्ट