अवैध स्कूलों के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन का अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन

अवैध स्कूलों के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन का अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन

फतेहगंज पश्चिमी। कोरोना के चलते लगे लॉकडाउन के समय की फीस नही जमा करने पर एक विद्यालय के द्वारा भाकियू कार्यकर्ता के बच्चों की टीसी मार्कसीट नही देने से क्षुब्ध भाकियू कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को इस विद्यालय के सामने क्षेत्र में संचालित गैर मान्यता प्राप्त वित्तविहीन अबैध स्कुलो के खिलाफ कार्यवाही की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। वही स्कूल प्रवंधक ने धरना के माध्यम से भाकियू कार्यकर्ताओं पर ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया है। एक स्कूल के शिक्षक ने भी धरना का समर्थन करते हुए प्राइवेट शिक्षकों का उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है।
स्कूल को जाने वाले रास्ते पर धरने पर बैठे भाकियू कार्यकर्ताओं का नेतृत्व कर रहे जिला मीडिया प्रभारी अरविन्द सिंह ने बताया कि क्षेत्र में दर्जनभर से अधिक ऐसे स्कूल चल रहे है।जिनकी मान्यता पांच या फिर जूनियर की है।लेकिन वह अबैध रूप से इंटर तक कि कक्षाएं लगा रहे है।जिससे  पड़ने बाले बच्चो को टीसी मार्कसीट नही मिलने से बच्चो का भविष्य खराब हो रहा है।बताया कि बढ़ती महंगाई और बाढ़ ने पहले ही किसान की कमर तोड़ दी है। ऊपर से स्कूल वाले कोरोना के समय लगे लॉकडाउन की फीस भी वसूल रहे है।नही देने पर उनकी टीसी मार्कसीट नही दे रहे है।बताया कि गाँब कुरतरा निवासी भाकियू कार्यकर्ता राकेश कुमार के दो बच्चे लब और कुश का प्रवेश कक्षा 11 में दो साल पहले कस्बा के शिव ज्ञान स्कूल में लिया था। कुछ महीने पड़ने के बाद लॉक डाउन लग गया। लॉक डाउन से पहले की फीस जमा कर दी। इंटर की कक्षा में भी पढ़ाई बाधित रही।सरकार ने बगैर परीक्षा के बच्चो को पास कर दिया।लेकिन जब राकेश कुमार ने दोनो बच्चो की मार्कसीट और टीसी मांगी तब स्कूल प्रवंधक ने लॉक डाउन के समय की फीस जमा करने के बाद ही टीसी मार्कसीट देने को कहा।राकेश कुमार की शिकायत पर जिलाधिकारी और जिला विद्यालय निरीक्षक के आदेश के बाबजूद टीसी मार्कसीट नही दी।जिससे अगली कक्षा में  प्रवेश नही मिलने से उनका भविष्य खराब हो गया। उन्होने चेतावनी दी है।कि जब तक जिला विद्यालय निरीक्षक अबैध स्कुलो पर कार्यवाही नही करेंगे तब तक उनका धरना जारी रहेगा।इसके अलावा कस्बा के ही एक वित्तविहीन विद्यालय के अध्यापक ओमपाल गंगवार ने भी धरना का समर्थन करते हुए बताया कि स्कूल प्रवंधक अभिवावकों से 12 महीनों की फीस वसूलते है।लेकिन शिक्षकों को 10 माह का वेतन देकर उनका शोषण कर रहे है। धरना पर राकेश कुमार,सुधीर बालियान,जितेन्द्र श्रीवास्तव,झण्डू सिंह,महावीर सिंह और दोनो बच्चे लब और कुश मौजूद रहे। उधर स्कूल प्रवंधक शंकरलाल गंगवार का आरोप है। भाकियू कार्यकर्ता धरना के नाम पर उनको ब्लेकमेल कर रहे है। जिस विद्यालय के सामने वह धरने पर बैठे है। वह कोचिंग सेन्टर है। जिसका उनके रजिस्ट्रेशन भी है। लब और कुश सीबी गंज इंटर कालेज के छात्र है। टीसी मार्कसीट का फार्म जिस दिन भरा गया उसी दिन उनकी टीसी मार्कसीट काटकर राकेश कुमार को ले जाने की सूचना दे दी गयी है।रही बात फीस की तो लॉक डाउन की फीस के अलावा भी 3350 रुपये फीस उनकी कम कर दी है।लेकिन वह बची 6800 रुपये फीस भी नही देने का दबाब बना रहे है।वित्तविहीन संस्था बगैर फीस लिए चलना मुश्किल है।