कोविड 19 के दो साल के बाद मीरगंज में हुई साप्ताहिक बाजार बंदी से पसरा कस्बे में सन्नाटा,

कोविड 19 के दो साल के बाद मीरगंज में हुई साप्ताहिक बाजार बंदी से पसरा कस्बे में सन्नाटा,

कोविड 19 के दो साल के बाद मीरगंज में हुई साप्ताहिक बाजार बंदी से पसरा कस्बे में सन्नाटा, केवल राहगीरों के चलते रहे वाहन, व्यापारी भी झांकते रहे एक दूसरे की बगलें 
मीरगंज। कोविड 19 के दो साल बीतने के बाद मीरगंज में हुई साप्ताहिक बाजार बंदी से कस्बे में सन्नाटा पसरा रहा केवल राहगीरों के  वाहनों के चलते रहने से सडकों पर आबाजाही का दौर चलता रहा    लेकिन इस दौरान व्यापारी भी दुकान खोलने को लेकर एक दूसरे की बगलें झांकते दिखाई दिये इस दौरान देहात इलाके से आने वाले ग्राहक काफी परेशान दिखाई दिये जिन्हें बाजार बंदी की जानकारी नहीं थी। शनिवार को केवल मेडिकल स्टोर एवं कस्बे में संचालित निजी अस्पताल ही संचालित हुए दिखाई दिये। विगत शुक्रबार के दिन व्यापार मंडल की ओर से पुलिस प्रशासन को साप्ताहिक बंदी करने दरख्वास्त देने के बाद शनिवार के दिन बाजार बंदी कराने का प्रचार करा दिया गया और दुकान खुली मिलने पर दंड का भी ऐलान करने से कस्बे के पूरे बाजार में दुकानें बंद रहीं। और पुलिस की गश्त भी रही लेकिन इस दौरान केवल मेडिकल स्टोर एवं चाय आदि की दुकानें खुली दिखाई दीं। लेकिन अन्य सामान के खरीददारों को काफी परेशानी भुगतनी पड़ी और बगैर सामान के खरीदे ही वापस लौटना पडा। हांलाकि इस मामले में पुलिस ने दो साल के बाद हुई शनिवार की साप्ताहिक बंदी के मामले में कहीं कोई कार्यवाही नहीं की। जिससे आम राहगीरों को कोई दिक्क्त नहीं हुई। लेकिन इस दौरान इतना जरूर देखने को मिला कि दुकान दार एक दूसरे की बगलें झांकते इस बाबत नजर आये कि कौन दुकान खोलेगा और उसके बाद हम भी दुकान खोलकर बेठ जायें। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।