Cyber Fraud में लुटे लोगों को 24 घंटों में वापस मिलेगा पैसा, तरीका जान लीजिए-

Cyber Fraud में लुटे लोगों को 24 घंटों में वापस मिलेगा पैसा, तरीका जान लीजिए-

ऑनलाइन ठगों के दिन अब लद चुके हैं. आम लोगों की खून-पसीने की कमाई को लुटने से बचाने के लिए एक सिस्टम खड़ा कर दिया गया है. और इस सिस्टम को इस्तेमाल करना बेहद आसान है.

ऑनलाइन ठगों के दिन अब लद चुके हैं. आम लोगों की खून-पसीने की कमाई को लुटने से बचाने के लिए एक सिस्टम खड़ा कर दिया गया है. और इस सिस्टम को इस्तेमाल करना बेहद आसान है. इसी ख़बर में हम आपको सबकुछ बताने वाले हैं. यदि आपने इसे पूरा पढ़ लिया तो आप ज़िंदगी में कभी ऑनलाइन ठगी का शिकार नहीं बनेंगे. और यदि बन भी गए तो आपका पूरा पैसा 24 घंटों के भीतर आपके अकाउंट में लौट आएगा.

क्या है ये सिस्टम

भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (National Cyber Crime Reporting Portal) बनाया है. आसान भाषा में कहें तो एक वेबसाइट बनाई गई है. लिंक है – https://cybercrime.gov.in/Default.aspx. इस वेबसाइट पर एक हेल्पलाइन नंबर दिया गया है. नंबर है 155260, इसे नोट कर लीजिए, फोनबुक में सेव कर लीजिए.

दिल्ली, राजस्थान, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, असम, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के लोग इस नंबर पर सातों दिन किसी भी समय (दिन या रात) में कॉल करके अपनी शिकायत लिखवा सकते हैं. बाकी के जितने भी राज्य और केंद्र शासित राज्य हैं, उनमें रहने वाले सुबह 10 से शाम 6 बजे के बीच में फोन करके कंप्लेंट कर सकते हैं.

आपको क्या करना होगा?

यदि आप किसी भी तरह की ऑनलाइन धोखाधड़ी (साइबर फ्रॉड) का शिकार होते हैं तो आपको अपना फोन उठाना है और डायल करना है 155260. ये नंबर डायल करने के बाद आपको अपनी शिकायत लिखवानी है.

शिकायत करते समय ये बातें ध्यान में रखें-

फ्रॉड की पूरी जानकारी दें.
फ्रॉड का सही समय बताएं.
आपके बैंक का नाम-पता और जिस बैंक या ई-वॉलेट (PhonePe, Google Pay, PatTM etc) में पैसा ट्रांसफर हुआ है, उसकी पूरी जानकारी.
आपकी दी गई जानकारी के आधार पर कार्रवाई होगी और आपका पैसा आपको जल्द से जल्द मिल जाएगा.
वर्चुअल असिस्टेंट भी रहेगा मौजूद

Cyber Crime Reporting Portal’s virtual assistant
इसी वेबसाइट पर एक वर्चुअल असिस्टेंट यानी कि आपकी सहायता के लिए कंप्यूटरीकृत सहायक भी मौजूद रहता है. इस असिस्टेंट को नाम दिया गया है साइबर दोस्त (Cyber Dost). आप इस दोस्त की मदद से भी अपनी शिकायत कर सकते हैं.

कैसे काम करेगा ये सिस्टम?

अब ये जान लेना भी जरूरी है कि ये पूरा सिस्टम किस तरीके से काम करेगा. हम आपको स्टेप-वाइज़ इसके बारे में बताते हैं.

जब आप 155260 पर कॉल लगाते हैं तो ये कॉल साइबर क्राइम के कॉल सेंटर में पहुंचती है.
आपसे फ्रॉड के बारे में पूरी जानकारी लेकर रिकॉर्ड की जाती है.
आपके द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर जिस बैंक अकाउंट में पैसा पहुंचा होगा, साइबर क्राइम सेल द्वारा उस अकाउंट को फ्रीज करवा दिया जाएगा. मतलब कि जिस अकाउंट में आपका पैसा गया है, उस अकाउंट का मालिक, पैसा निकाल नहीं पाएगा.
आपकी दी गई शिकायत यदि सही होगी तो आपके अकाउंट से निकला पूरा पैसा आपके बैंक अकाउंट में वापस डाला जाएगा.
पैसा वापस डालने की प्रक्रिया उस बैंक की तरफ से होगी, जिसमें आपका पैसा ट्रांसफर हुआ है.तो इस तरह ये पूरा सिस्टम काम करेगा.
अब एक सवाल ये उठता है कि फ्रॉड करने वाले ने फ्रॉड के तुरंत बाद मतलब 5 मिनट में ही पैसा निकलवा लिया तो क्या होगा?

इस बारे में जब हमने साइबर क्राइम की दिल्ली शाखा में बात की तो बताया गया कि इस स्थिति में आपकी शिकायत को आपके क्षेत्र वाले थाने में भेज दिया जाएगा. फिर पुलिस दूसरे मालमों की तरह इस मामले में भी आरोपी को पकड़कर आगे की कार्रवाई करेगी. मतलब, ऐसे में फ्रॉड करने वाले की मुसीबत ज्यादा बढ़ जाएगी.

जाते-जाते ये काम के पॉइंट्स नोट कर लें-

यदि आप साइबर क्राइम का शिकार होते हैं तो तुरंत 115260 पर कॉल करें. तुरंत मतलब तुरंत, ज़रा भी देरी न करें.

कोशिश करें कि इस तरह की ठगी का शिकार न हों. यदि कोई आपके पैसा ट्रांसफर करने को कहे, या आपसे आपके बैंक अकाउंट की डिटेल मांगे या OTP शेयर करने के कहे तो सावधान रहें.
किसी भी संदिग्ध कॉलर (जिस पर आपको फ्रॉड का शक हो) से ज्यादा लंबी बात न करें.
यदि आपके फोन पर कोई लिंक आता है जिसे क्लिक करने को कहा जाए तो उसे कतई न खोलें.
तो ये कुछ सावधानियां है, जो आपकी गाढ़ी कमाई को बचाकर रख सकने में मददगार साबित हो सकती हैं.
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