शांति भंग में चालान करने से बौखलाये एक साधू बाबा और पिता पुत्र ने मोटर साइकिल को लगाकर तहसील गेट को बंद कर किया।

शांति भंग में चालान करने से बौखलाये एक साधू बाबा और पिता पुत्र ने मोटर साइकिल को लगाकर तहसील गेट को बंद कर किया।

मीरगंज। सोमवार को तमाम प्रार्थना पत्र देने के उपरांत दूसरों के द्वारा कब्‍जाई गई भूमि का ि‍नस्‍तारण नहीं हाेने एवं शेरगढ पुलिस दवारा एक व्‍यक्ति का शांति भंग में चालान करने से बौखलाये एक साधू बाबा और पिता पुत्र ने मोटर साइकिल को लगाकर तहसील गेट को बंद कर दिया और प्रदर्शन कर नारे बाजी करते रहे। काफी समय तक किसी के नहीं आने पर साधू बाबा लगातार हिंसक होते जा रहें हैं। उनका आरोप था कि पुलिस उनकी नहीं सुन रही बल्कि उन पर अत्याचार कर रही हैं। थाना शेरगढ़ पुलिस ने सोनू उर्फ़ सोहन लाल पुत्र अंगन लाल निवासी कुड़का को शांति भंग के आरोप में उपजिलाधिकारी के समक्ष पेश किया किया।

वही सोनू उर्फ़ सोहन लाल के पिता अंगन लाल, उसका भाई परमजीत तथा बाबा ठाकुरदास तीनों इस बात से आहत थे। तीनों का आरोप था कि शेरगढ़ पुलिस ने सोनू उर्फ़ सोहन लाल को समझौते के बहाने थाने बुलाया और विरोधियों के कहने पर पहले थाने पर पीटा फिर शांति भंग में चालान कर दिया।

इसी बात का विरोध जताने के लिये उन्होंने तहसील गेट को न्याय मिलने तक बंद कर दिया। तहसील प्रशासन के आदेश पर मीरगंज पुलिस ने तीनों प्रदर्शन कारियों को समझा बुझाकर तहसील गेट खुलवाया और तीनों को थाने ले गयी। वही तीनों ने सोनू उर्फ़ सोहन लाल की ज़मानत कराने से साफ इंकार कर दिया। अंगन लाल निवासी गांव कुडका का कहना था कि उनकी जमीन दूसरे दबंगों ने कब्‍जा जी है और वह अपनी जमीन की वापसी को सालों से तहसील दिवस से लेकर थाना दिवस तक में सैकडों बार दे प्रार्थना पत्र दे चुके हैं लेकिन किसी ने भी उनके साथ न्‍याय नहीं किया और अभी तक जमीन पर कब्‍जा नहीं मिला जिससे वह वेहद दुखी हैं वहीं वीरेंद्र प्रताप सिंह थाना अध्यक्ष शेरगढ़ का कहना है कि सोनू उर्फ़ सोहन लाल ने अपने पड़ोसियों के खेत से पेड़ काट लिये।शांति भंग की आशंका को देखते हुये 151,107,116 में चालान कर उपजिलाधिकारी महोदय के न्यायलय में प्रस्तुत किया गया था। इसी से वह सभी बौखलाए हुए थे किसी के साथ कोई गलत व्‍यवहार नहीं किया गया.