करनाल: प्रशासन व किसानों के बीच नहीं बनी बात, तीन दौर की वार्ता विफल, लघु सचिवालय पर महापड़ाव जारी

किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने बताया कि बैठक में कोई फैसला नहीं हुआ। बातचीत टूट गई। मंडी में निर्णय लेने के बाद हम आगे आए। वहीं राकेश टिकैत ने कहा कि हमने एसडीएम पर कार्रवाई मांग की थी लेकिन प्रशासन ने मना कर दिया। इसके बाद किसानों ने करनाल के लघु सचिवालय पर महापड़ाव शुरू कर दिया है।

करनाल: प्रशासन व किसानों के बीच नहीं बनी बात, तीन दौर की वार्ता विफल, लघु सचिवालय पर महापड़ाव जारी

28 अगस्त को किसानों पर लाठीचार्ज का आदेश देने वाले करनाल के तत्कालीन एसडीएम आयुष सिन्हा के खिलाफ किसान सख्त कार्रवाई चाहते हैं। इसे लेकर लघु सचिवालय में 15 किसान नेताओं के प्रतिनिधिमंडल के साथ प्रशासन की वार्ता हुई लेकिन डीसी निशांत कुमार यादव और एसपी गंगाराम पूनिया के साथ दो घंटे पांच मिनट चली वार्ता बेनतीजा रही क्योंकि प्रशासन की ओर से एसडीएम के खिलाफ कार्रवाई की मांग से इंकार कर दिया गया। साथ ही जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।


इसके बाद मंच से वार्ता विफल होने का एलान होते ही शाम करीब सवा चार बजे किसानों ने महापंचायत स्थल नई अनाज मंडी से लघु सचिवालय की ओर कूच किया। वार्ता बेनतीजा रहने के बाद रात को किसानों ने लघु सचिवालय का घेराव कर दिया और उस पर कब्जा कर लिया। किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों ने लघु सचिवालय पपर कब्दा जमा लिया है। टिकैत ने कहा कि मांगें पूरी होने तक हम यहीं डटे रहेंगे। 


मंगलवार को दोपहर करीब एक बजकर पांच मिनट पर अलग-अलग दो समूहों में किसान नेता वार्ता के लिए लघु सचिवालय पहुंचे। इसके बाद तीन बजकर 10 मिनट पर लघु सचिवालय के बाहर आए। बैठक में किसान संगठनों के राष्ट्रीय, राज्य और स्थानीय 15 नेताओं ने हिस्सा लिया।  

किसानों ने इस दो घंटे की बैठक में पहली वार्ता में ब्रेक लिया था। दूसरे दौर की वार्ता के बाद भी जब सहमति नहीं बनी तो किसान नेता उठकर बाहर आ गए थे लेकिन तुरंत ही प्रशासन ने नेताओं को तीसरे दौर की बैठक के लिए बुला लिया लेकिन यह भी विफल रही। बैठक में किसान नेता राकेश टिकैत, गुरनाम सिंह चढूनी, सुरेश कौथ, दर्शन पाल, रामपाल चहल, बलबीर सिंह राजेवाल, योगेंद्र यादव, इंद्रजीत सिंह, अजय राणा, सुखबिंदर चहल और विकास शिशर सहित अन्य नेता शामिल रहे। 

करनाल में बुधवार रात तक बंद रहेंगी इंटरनेट सेवा 
हरियाणा सरकार ने करनाल में बुधवार रात 11:59 बजे तक इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं। एडीजीपी सीआईडी की खुफिया सूचना के आधार पर यह निर्णय लिया गया है। सूचना मिली है कि किसानों के नाम पर असामाजिक तत्व कानून व्यवस्था को बिगाड़ सकते हैं। अगर कोई भी व्यक्ति कानून व्यवस्था को भंग करने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इंटरनेट सेवाएं बुधवार रात 11:59 तक बाधित रहेंगी। उसके बाद आगामी निर्णय लिया जाएगा। गृह सचिव राजीव अरोड़ा की तरफ से यह आदेश जारी किया गया है।
बातचीत हमेशा प्रजातंत्र का आंतरिक हिस्सा रहा है और किसानों से तीन दौर की बातचीत हो चुकी है। हमारी पुलिस किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है और उम्मीद है कि किसी भी प्रकार की हिंसा नहीं होगी। हमने पर्याप्त संख्या में व्यवस्था कर रखी है और 40 कंपनियों को करनाल में तैनात किया गया है। इसके अलावा, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) को स्वयं वहां पर उपस्थित रहने का आदेश दिया गया है। -अनिल विज, गृह मंत्री, हरियाणा।