Ramdev के खिलाफ 'देशद्रोह' का केस चलाने की मांग, IMA ने PM Modi को लिखा पत्र

दूसरी तरफ उत्तराखंड इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने नोटिस में रामदेव (Ramdev) से Covid-19 की प्रभावी दवाई के रूप में प्रचारित अपनी फर्म के उत्पाद 'कोरोनिल किट' से संबंधित 'भ्रामक' विज्ञापन को हटाने को भी कहा गया है.

Ramdev के खिलाफ 'देशद्रोह' का केस चलाने की मांग, IMA ने PM Modi को लिखा पत्र

नई दिल्ली: इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने योग गुरु रामदेव (Ramdev) पर कोरोना वैक्सीनेशन (Corona Vaccine) को लेकर गलत सूचना फैलाने का आरोप लगाया है. IMA ने इस बाबत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) को एक पत्र लिख कर रामदेव के खिलाफ देशद्रोह का केस दर्ज कराने की मांग की है. IMA ने लिखा है, एक वीडियो में उन्होंने (रामदेव) दावा किया कि वैक्सीन की दोनों खुराक लेने के बावजूद 10,000 डॉक्टर और लाखों लोग मारे गए हैं. इसलिए रामदेव के खिलाफ देशद्रोह के आरोप के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए.

 

दूसरी तरफ उत्तराखंड इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने बाबा रामदेव (Ramdev) को एलोपैथी और एलोपैथी डॉक्टरों पर अपमानजनक टिप्पणी करने के लिए उन्हें मानहानि का नोटिस भेजा है. IMA ने रामदेव से 15 दिनों के अंदर माफी मांगने या 1000 करोड़ रूपये का मुआवजा देने के लिए तैयार रहने के लिए कहा है.

15 दिन के भीतर 'लिखित माफी' की मांग
IMA (उत्तराखंड) के सचिव अजय खन्ना की तरफ से दिए गए छह पेजों के नोटिस में उनके वकील नीरज पांडेय ने रामदेव (Ramdev) की टिप्पणी को एलोपैथी और एसोसिएशन से जुडे करीब 2000 चिकित्सकों की प्रतिष्ठा और छवि के लिए नुकसानदायक बताया है. योग गुरु की टिप्पणी को IPC की धारा 499 के तहत 'आपराधिक कार्रवाई' बताते हुए नोटिस में रामदेव से नोटिस प्राप्ति के 15 दिन के भीतर 'लिखित माफी' की मांग की गई है और कहा गया है कि ऐसा न होने की स्थिति में 50 लाख रूपये प्रति आइएमए सदस्य की दर से उनसे 1000 करोड़ रूपये का मुआवजा मांगा जाएगा. 

माफी नहीं तो FIR
नोटिस में रामेदव से कहा गया है कि वह अपने सभी झूठे और अपमानजनक आरोपों का खंडन करते हुए एक वीडियो क्लिप बनाएं और उसे उन सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर करें जिन पर उन्होंने अपने आरोपों के वीडियो क्लिप डाले थे. नोटिस में रामदेव से Covid-19 की प्रभावी दवाई के रूप में प्रचारित अपनी फर्म के उत्पाद 'कोरोनिल किट' से संबंधित 'भ्रामक' विज्ञापन को हटाने को भी कहा गया है. नोटिस के अनुसार, ऐसा न होने की स्थिति में आइएमए द्वारा योगगुरु के खिलाफ FIR और एक आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा. 

'पूरे देश को christianity में बदलने की साजिश'
इस बीच, रामदेव के करीबी सहयोगी आचार्य बालकृष्ण ने इसे साजिश बताते हुए कहा कि आइएमए संगठन के तहत एलोपैथिक डॉक्टरों द्वारा रामदेव के जरिए आयुर्वेद को निशाना बनाया जा रहा है. सोमवार को अपने एक ट्वीट में बालकृष्ण ने कहा कि पूरे देश को christianity में बदलने की साजिश के तहत रामदेव को निशाना बनाकर योग और आयुर्वेद को बदनाम किया जा रहा है. उन्होंने कहा 'देशवासियों, अब गहरी नींद से जागो अन्यथा आने वाली पीढियां आपको माफ नहीं करेंगी.

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