कानपुर के पुलिस कमिश्नर असीम अरुण को बड़ी उपलब्धि... राष्ट्रपति के वीरता पदक से CM योगी करेंगे सम्मान-

कानपुर के पुलिस कमिश्नर असीम अरुण को बड़ी उपलब्धि... राष्ट्रपति के वीरता पदक से CM योगी करेंगे सम्मान-
कानपुर में पुलिस कमिश्नर के पद पर तैनात आइपीएस अधिकारी असीम अरुण को वीरता के लिए राष्ट्रपति का पदक प्रदान किया गया है। शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कानपुर के पुलिस आयुक्त असीम अरुण को लखनऊ में सम्मानित करेंगे।
 

एटीएस के आइजी पद पर थे असीम अरुण

आइजी एटीएस के पद पर तैनाती के दौरान लखनऊ में 2017 में एक मुठभेड़ में आंतकी सैफुल्लाह को मार गिराने वाली टीम के साथ ही उनका नेतृत्व करने वाले असीम अरुण को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को सम्मानित करेंगे। 2017 में आतंकी सैफुल्लाह के साथ एटीएस की यह मुठभेड़ लखनऊ के काकोरी में हुई थी। उस समय कानपुर के पुलिस आयुक्त असीम अरुण एटीएस के आइजी पद पर थे।
 

सम्मान समारोह का आयोजन 

राष्ट्रपति से वीरता के लिए पुलिस पदक की संस्तुति मिलने के बाद शासन की ओर से इस सम्मान समारोह का आयोजन किया गया है। कानपुर के जाजमऊ निवासी सैफुल्लाह व उसके साथी आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आइएस) से जुड़े हुए थे। लखनऊ के ठाकुरगंज में हाजी कालोनी को उस समय आतंकियों ने ट्रेङ्क्षनग सेंटर और छिपने का ठिकाना बना रखा था। यहां उन्होंने बड़ी मात्रा में गोलियां, हथियार व विस्फोटक जुटा लिया था। आतंकी ऐसा बम बनाने का तरीका ईजाद कर रहे थे, जिससे विस्फोट में ज्यादा से ज्यादा जनहानि की जा सके। एटीएस ने आइजी असीम अरुण के नेतृत्व में आतंकी सैफुल्लाह को घेरा और उसे आत्मसमर्पण के लिए ललकारा तो उसने टीम पर गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी गोलीबारी में सैफुल्लाह मारा गया। मुठभेड़ के बाद सैफुल्लाह के पिता ने उसका शव भी लेने से इन्कार कर दिया था। जिस एटीएस टीम ने इस आपरेशन को अंजाम दिया था, उसमें असीम अरुण के साथ पांच एटीएस कमांडो अतहर अहमद, अविनाश कुमार, विकास यादव, महेन्द्र पाल व फहीम मियां शामिल थे। एटीएस में अपर पुलिस अधीक्षक रहे स्व. राजेश साहनी को यह पदक मरणोपरांत दिया जाएगा। पुरस्कार उनकी पत्नी शालिनी साहनी लेंगी।