कानपुर: गंगा बैराज क्षेत्र को जल्द मिलेगी जाम से निजात, केडिए ने तैयार किया मास्टर प्लान।

कानपुर: गंगा बैराज क्षेत्र को जल्द मिलेगी जाम से निजात, केडिए ने तैयार किया मास्टर प्लान।

कानपुर विकास प्राधिकरण (केडिए) स्थित मीटिंग हॉल में करीब साढ़े छह घंटे चली 133वीं बोर्ड बैठक में गंगा बैराज क्षेत्र को जाम मुक्त करने और विकास का निर्णय लिया गया ।।

कानपुर में गंगा बैराज क्षेत्र को जाम से निजात दिलाने के लिए मुख्य मार्ग को चौड़ा किया जाएगा। इसके लिए केडीए सिंचाई विभाग को 3.39 करोड़ रुपये देगा। अटल घाट के पीछे से रानी घाट तक भी सड़क का निर्माण होगा। ये फैसले शनिवार को हुई केडीए की बोर्ड बैठक में लिए गए।

कानपुर विकास प्राधिकरण (केडिए) स्थित मीटिंग हॉल में करीब साढ़े छह घंटे चली 133वीं बोर्ड बैठक में गंगा बैराज क्षेत्र को जाम मुक्त करने और विकास का निर्णय लिया गया। बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजशेखर ने बताया कि नवाबगंज कर्बला से बैराज तक 1.4 किलोमीटर लंबी सड़क दो लेन से चौड़ी कर तीन लेन की बनाई जाएगी।

अटल घाट के पीछे गंगा थीम पार्क के लिए करीब 40 एकड़ जमीन चिह्नित की गई थी, जिसमें से 17-18 एकड़ जमीन ही पार्क के लिए उचित पाई गई। बोर्ड ने गंगा थीम पार्क को विकसित करने के लिए सैद्धांतिक सहमति दे दी। यहां बारिश से होने वाले जलभराव को दूर करने के लिए पंपिंग फ्री मैकेनिज्म बनाने का फैसला हुआ है।

इसी वित्तीय वर्ष बैराज क्षेत्र में होगी गंगा थीम लाइटिंग
केडीए बोर्ड ने बैराज क्षेत्र में गंगा थीम लाइटिंग कराने के प्रस्ताव को सहमति दे दी है। इस योजना के तहत बैराज के एंट्री, एक्जिट प्वाइंट, अटल घाट आदि जगहों पर थीम लाइटिंग कराई जाएगी। जल्द ही टेंडर कराकर काम शुरू कराया जाएगा। यह कार्य इसी वित्तीय वर्ष में होना है।

केडीए नहीं बढ़ाएगा फ्लैटों के दाम 
केडीए अगले साल 31 मार्च तक अपने फ्लैटों के दाम नहीं बढ़ाएगा। बैठक में 14 प्रस्ताव रखे गए। इनमें से विभिन्न योजनाओं में खाली (बिक्री के लिए उपलब्ध) फ्लैटों के दाम न बढ़ाने का भी एक प्रस्ताव रहा। केडीए हाइट्स, केडीए ग्रींस, जवाहरपुरम, शताब्दी नगर सहित विभिन्न योजनाओं में करीब छह हजार फ्लैट खाली हैं। बैठक में केडीए उपाध्यक्ष अरविंद सिंह ने कोरोना काल का हवाला देते हुए दाम न बढ़ाने का तर्क दिया। बोर्ड के अन्य सदस्यों के भी समर्थन के बाद इस फैसले पर मुहर लगी। 

जयपुर की तर्ज पर मुख्य सड़कों के किनारे एक रंग के होंगे भवन
बोर्ड ने शासन की तरफ से नगरीय क्षेत्र की मुख्य सड़कों से सटे भवनों (मकानों, दुकानों सहित अन्य व्यवसायिक भवनों) के रखरखाव से संबंधित उपविधि को अंगीकृत किया। इसके तहत पिंक सिटी जयपुर की तर्ज पर मुख्य मार्गों के आसपास के भवनों को एक रंग का किया जाएगा। बोर्ड अध्यक्ष ने बताया कि इस तरह का सुंदरीकरण कानपुर के इतिहास थीम पर आधारित होगा। शुरुआत में इसके लिए तीन सड़कें चिह्नित की जाएंगी। इसके लिए केडीए, नगर निगम, पीडब्ल्यूडी की कमेटी गठित करने का फैसला हुआ।

केडीए क्रिस्टल कांप्लेक्स में बनेगा पुलिस कमिश्नर कार्यालय
बोर्ड ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय के लिए परेड स्थित केडीए क्रिस्टल कांप्लेक्स पुलिस विभाग को बेचने के प्रस्ताव को सैद्धांतिक सहमति दी।

रिमोट सेंसिंग से जमीनों, कामर्शियल कांप्लेक्स का सर्वे
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की तर्ज पर केडीए रिमोट सेंसिंग तकनीक के माध्यम से सभी जमीनों, कामर्शियल कांप्लेक्स आदि का सर्वे करेगा। इसका कंप्यूटराइज्ड रिकार्ड बनेगा। 

रिकार्ड का डिजिटिलाइजेशन
केडीए रिकार्ड का डिजिटिलाइजेशन कराएगा। इसके लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट का मॉडल लागू किया जाएगा। अध्ययन के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट एक टीम भेजी जाएगी। टीम अगली बोर्ड बैठक में रिपोर्ट रखेगी।

मलबा शुल्क के लिए नहीं लगाने पड़ेंगे नगर निगम के चक्कर
नक्शा पास कराने से पहले मलबा शुल्क जमा करने के लिए लोगों को अब केडीए के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। दरअसल, केडीए बोर्ड की नवंबर 2019 में हुई बैठक में तय हुआ था कि नक्शे स्वीकृत करने से पहले नगर निगम की एनओसी ली जाए। एनओसी लेने के लिए नगर निगम में मलबा शुल्क जमा करना पड़ेगा। बोर्ड अध्यक्ष ने बताया कि फिलहाल इस प्रस्ताव को स्थगित कर दिया गया है। नगर निगम को अपनी बात रखने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। अगली बैठक में इस पर फैसला लिया जाएगा।

महायोजना उल्लंघन के विवाद कम करने की कोशिश
बोर्ड ने महायोजना बनने से पहले बायलॉज के उल्लंघन संबंधी विवाद कम करने के लिए भी एक प्रस्ताव पारित किया। मजदूरों के रहने के लिए सीएसआर फंड से बनने वाले मकानों के लिए आवंटित जमीन के लिए इंडियन ऑयल की 47 लाख रुपये पेनाल्टी माफ करने का फैसला हुआ। क्रिमिनल केसों में पैरवी के लिए एक क्रिमलन लॉयर भी नियुक्त किया जाएगा। बैठक में नगर आयुक्त शिवशरणप्पा जीएन, केडीए सचिव एसपी सिंह, अधिशासी अभियंता मुकेश अग्रवाल, आरआरपी सिंह, आशु मित्तल आदि शामिल रहे।

एक-एक गांव की जमीन ठीक कराने का प्रस्ताव
केडीए बोर्ड सदस्य रामलखन रावत ने प्राधिकरण के 85 गांवों की जमीनों में से एक-एक गांव की जमीनों को ठीक करने, विवादित प्लाटों का समय से निस्तारण करने, केडीए से अस्पतालों एवं स्कूलों को दी गई जमीनों में प्राधिकरण कर्मियों के बच्चों को लाभ देने, अवस्थापना निधि से कम से कम एक-एक करोड़ रुपये चिकित्सा एवं शिक्षा क्षेत्र को देने के लिए बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजशेखर को ज्ञापन दिया।।