Kanpur News: कानपुर में तीसरी लहर से जंग की खास तैयारी, नहीं होगी बेड और ऑक्सिजन की कमी!

कोरोना वायरस की आने वाली तीसरी लहर को देखते हुए हैलट अस्पताल में तैयारियां शुरू कर दी गईं हैं। प्रशासन की देखरेख में तैयारियों को अंजाम दिया जा रहा है। कोविड मरीजों के बेडों की संख्या मे इजाफा किया जाएगा। इसके साथ ही बच्चों के लिए पीआईसीयू और एनआईसीयू तैयार किया जा रहा है।

Kanpur News: कानपुर में तीसरी लहर से जंग की खास तैयारी, नहीं होगी बेड और ऑक्सिजन की कमी!

कानपुर
कोरोना की दूसरी लहर में जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से संबद्ध हैलट अस्पताल अपनी जिम्मेदारियों पर खरा नहीं उतरा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ ने मेडिकल कॉलेज के प्रचार्य को जमकर फटकार लगाई थी। वहीं कोरोना की तीसरी लहर से पहले व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की हिदायत दी थी। कोरोना की तीसरी लहर को ध्यान में रखते हुए हैलट अस्पताल में कोविड मरीजों के लिए बेड की संख्या 650 कर दी जाएगी। इसके साथ ही हैलट को प्रतिदिन 30 हजार लीटर ऑक्सिजन मिलेगी। बच्चों के लिए 100 बेड का पीआईसीयू की तैयारियां की जा रहीं है।

मुख्यमंत्री की नाराजगी के बाद हैलट अस्पताल की तैयारियां प्रशासन की देखरेख में की जा रहीं हैं। मंडलायुक्त राजशेखर रेड्डी ने हैलट अस्पताल प्रशासन के साथ बैठक की। इस बैठक में चार बिंदुओं पर चर्चा की गई। जिसमें कोविड परीक्षण की क्षमता को बढ़ाना, कोविड मरीजों के बेडों की संख्या को बढ़ाना, ऑक्सिजन में आत्मनिर्भर होना, बच्चों के नए पीआईसीयू और एनआईसीयू बेडों का इंतजाम करना। 

'हैलट सामान्य हॉस्पिटल नहीं है'
मंडलायुक्त डॉ राजशेखर रेड्डी ने कहा कि मेडिकल कॉलेज को अपनी जिम्मेदारियों को समझना चाहिए। हैलट अस्पताल सामान्य हॉस्पिटल नहीं है, कानपुर समेत आसपास के जिले से मरीज इलाज के लिए आते हैं। सामान्य दिनों में भी यहां पर भीड़ रहती है। महामारी के समय अस्पताल पर लोड काफी बढ़ जाता है, लेकिन थोड़ी मेहनत करने की जरूरत है। अधूरे पड़े प्रोजेक्टों को पूरा करने के लिए शासन से लगातार बात करते रहें। 

हैलट में नहीं होगी ऑक्सिजन की किल्लत

हैलट अस्पताल से ऑक्सिजन की किल्लत एक से दो महीने में हमेशा के लिए दूर हो जाएगी। 925 एलपीएम क्षमता के दो ऑक्सिजन प्लांट जनरेटर प्लांट की शुरूआत हो जाएगी। हैलट अस्पताल को प्रतिदिन 30 हजार लीटर ऑक्सिजन मिलने लगेगी। कोरोना की तीसरी लहर बच्चों के लिए खतरनाक बताई जा रही है। इसके लिए हैलट अस्पताल में 50 बेड का पीआईसीयू और 50 बेड का एनआईसीयू तैयार किया जा रहा है।

मरीजों को समय पर मिले रिपोर्ट
कोरोना की दूसरी लहर जब पीक पर थी, तो उस दौरान कोरोना रिपोर्ट आने में एक हफ्ते से ज्यादा का वक्त लग जाता था। तीसरी लहर को देखते हुए कोरोना जांच की क्षमता को बढ़ाने की दिशा में काम किया जाएगा। प्रतिदिन 6 हजार लोगों के सैंपल लिए जाएंगे। इसके साथ ही समय से रिपोर्ट दी जाएगी, ताकि पेशेंट को समय रहते पता चल जाए कि वह कोरोना पॉजिटिव है या निगेटिव।