हद है बदइंतजामी की... शहर में सीएम के होने के बाद भी हैलट में गंभीर मरीज को बेधड़क लौटा रहे डॉक्टर

वहां जूनियर डॉक्टरों ने वेंटिलेटर खाली नहीं होने की बात कहते हुए भर्ती करने से मना कर दिया। जब स्वजन इसकी शिकायत करने के लिए ईएमओ के पास गए तो वह अपने कक्ष में ही नहीं मिले। उस समय ड्यूटी पर ईएमओ डॉ. विनय कुमार थे जो वहां नहीं मिले।

हद है बदइंतजामी की... शहर में सीएम के होने के बाद भी हैलट में गंभीर मरीज को बेधड़क लौटा रहे डॉक्टर

कानपुर,

 शहर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी का भी हैलट अस्पताल के जिम्मेदारों को खौफ नहीं है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो आरबी कमल जहां चाक-चौबंद व्यवस्था के लिए एड़ी-चोटी एक किए रहे, जबकि उनके मातहत उनकी साख पर बट्टा लगाने से नहीं चुके। शनिवार दोपहर 2.24 बजे पर आक्सीजन पर आए मरीज को वेंटिलेटर खाली नहीं होने की बात कहते हुए भर्ती करने से मना कर दिया। जब स्वजन इमरजेंसी मेडिकल अफसर (ईएमओ) से शिकायत करने गए तो वह नदारद रहे। ऐसे में स्वजन मायूस होकर मरीज को नर्सिंग होम लेकर चले गए।

मरीज के स्वजन के मुताबिक मकनपुर निवासी 32 वर्षीय मोहमद यकूमुद्दीन को कुछ दिन पहले बुखार आया था। उसके बाद उन्हेंं सांस लेने में दिक्कत होने लगी। जब गले में खराश और सांस फूलने लगी तो स्थानीय चिकित्सक को दिखाया। उन्होंने आक्सीजन सिलिंडर लगा दिया। उसके बाद भी सुधार नहीं हुआ। जब आक्सीजन लेवल तेजी से गिरने लगा तो स्वजन युवक को फौरन लेकर हैलट अस्पताल भागे। दोपहर 2.24 बजे हैलट अस्पताल की इमरजेंसी लेकर पहुंचे।

वहां जूनियर डॉक्टरों ने वेंटिलेटर खाली नहीं होने की बात कहते हुए भर्ती करने से मना कर दिया। जब स्वजन इसकी शिकायत करने के लिए ईएमओ के पास गए तो वह अपने कक्ष में ही नहीं मिले। स्वजनों का आरोप है कि उस समय ड्यूटी पर ईएमओ डॉ. विनय कुमार थे, जो वहां नहीं मिले। पूछने पर वहां के कर्मचारियों ने बताया कि वह प्रमुख अधीक्षक से मिलने गए थे। कोई मदद नहीं मिलने पर अपने मरीज को नर्सिंग होम लेकर चले गए।

इमरजेंसी के सर्जरी यूनिट में ईंट लगाकर खड़ा किया बेड : हैलट इमरजेंसी में तैयारी का यह आलम रहा कि अव्यवस्थाएं सामने आईं। इमरजेंसी के सर्जरी यूनिट में ईंट लगाकर बेड को सपोर्ट देकर खड़ा किया गया था। उस पर मरीज को भर्ती कर इलाज किया जा रहा था। इसका वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने के बाद खलबली मच गई। अस्पताल प्रशासन ने आनन-फानन बेड बदलवा दिया।

इनका ये है कहना

अस्पताल से कोई मरीज नहीं भगाया गया है। अगर कोई भगाया गया है तो वह मेरी जानकारी में नहीं है। सुबह से बैठे हैं ताकि सभी मरीज भर्ती किए जा सकें। हैलट में कोई बेड नहीं खराब हैं। जो वीडियो वायरल हुआ है, वह इलाज का ही पार्ट है।

                                                                   डॉ. ज्योति सक्सेना, प्रमुख अधीक्षक, हैलट अस्पताल