धर्मांतरण: नैनीताल के नितिन को बना दिया था अली हसन !

मौलाना की गिरफ्तारी के बाद खुले बड़े राज, सहारनपुर भी पहुंची थी एटीएस ।।

धर्मांतरण: नैनीताल के नितिन को बना दिया था अली हसन !

धर्मांतरण का देशव्यापी सिंडिकेट चलाने वाले मौलाना कलीम सिद्दीकी को उत्तर प्रदेश एटीएस ने मंगलवार देर रात गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद बुधवार को यूपी एडीजी कानून व्यवस्था, प्रशांत कुमार और एटीएस के निरीक्षक जीके गोस्वामी ने प्रेस वार्ता कर इस पूरे मामले में बड़े खुलासे किए हैं। बताया गया कि मौलाना की गिरफ्तारी से पहले एटीएस ने सहारनपुर के सरसावा में भी एक धार्मिक स्थल में छापा मारा था। हालांकि स्थानीय पुलिस अधिकारी इस संबंध में कुछ भी कहने से बचते नजर आए।  

यूपी एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने प्रेस वार्ता के दौरान बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि एटीएस की जांच में सामने आया है कि मौलाना कलीम सिद्दीकी के ट्रस्ट को बहरीन से 1.5 करोड़ रुपये सहित अन्य देशों से फंडिंग के जरिए 3 करोड़ रुपये मिले। वहीं उत्तर प्रदेश एटीएस महानिरीक्षक जीके गोस्वामी ने बताया कि धर्मांतरण के देशव्यापी सिंडिकेट चलाने वाले मौलाना कलीम ने भारत में तकरीबन एक हजार से ज्यादा लोगों का धर्मांतरण कराया। धर्मांतरण से जुड़े इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए एटीएस की छह टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें पूरी छानबीन करने के बाद मामले में रिपोर्ट अधिकारियों को सौंपेंगी। 

एटीएस ने मंगलवार देर रात उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में सरसावा क्षेत्र में भी छापा मारा। सरसावा के एक धार्मिक स्थल पर टीम पहुंची थी और जांच पड़ताल कर लौट गई। वहीं चंद घंटे बाद ही टीम ने मेरठ में मौलाना को गिरफ्तार कर लिया। वहीं सहारनपुर के स्थानीय पुलिस अधिकारी टीम की छापेमारी की जानकारी से इनकार कर रहे हैं

मौलाना की गिरफ्तारी के बाद धर्मांतरण के मामले में यह भी सामने आया कि नैनीताल के रहने वाले नितिन पंत को धर्म परिवर्तन कराकर अली हसन बना दिया गया था। नितिन पंत जुलाई माह में सहारनपुर आया था, जहां हिंदू संगठन के पदाधिकारी निपुण भारद्वाज को अपनी समस्या बताई। निपुण भारद्वाज ने उनकी समस्या जानने के बाद इस मामले में पुलिस प्रशासन के अधिकारियों से कार्रवाई कराने की मांग की थी।

नितिन पंत ने बताया था कि वह नौकरी के सिलसिले में राजस्थान गया था। वहां दूसरे समुदाय के लोगों ने लालच देकर उसे धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया और फिर धर्म परिवर्तन करा दिया। इसके बाद उस पर अन्य लोगों को भी धर्म परिवर्तित कर इस्लाम कबूल कराने का दबाव बनाया जाता था। 

नितिन पंत ने यह भी बताया था कि उसको मुजफ्फरनगर जनपद के एक धार्मिक स्थल में इस्लामी तौर तरीके सिखाने के लिए रखा गया था। उसके बाद सहारनपुर जिले के कोटा गांव स्थित मदरसे में पढ़ाने के लिए भेजा गया था। इस मामले को भी मौलाना की बड़ी साजिश से जोड़कर देखा जा रहा है।

यूपीएटीएस के अनुसार, मौलाना कलीम सिद्दीकी दिल्ली में रहता है और विभिन्न प्रकार की शैक्षणिक, सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं की आड़ में अवैध धर्मांतरण के कार्य को अंजाम देता है, जिसके लिए विदेशों से फंडिंग की जाती है

मौलाना इन मदरसों की आड़ में पैगामे इंसानियत के संदेश देने के बहाने लोगों को जन्नत और जहन्नुम जैसी बातों का लालच या भय दिखाकर इस्लाम स्वीकारने के लिए प्रेरित करता है और बाद में इन्हें प्रशिक्षित कर अन्य लोगों का धर्मांतरण कराने का कार्य करता है।