Road Rage Case:पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्‍यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू को लगा बड़ा झटका

पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्‍यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू को बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने 34 साल पुराने रोड रेज मामले में सिद्धू को एक साल सश्रम कैद की सजा सुनाई है। उनको पहले एक हजार रुपये का जुर्माना लगाकर छोड़ दिया था।

Road Rage Case:पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्‍यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू को लगा बड़ा झटका

नई दिल्ली :नवजोत सिंह सिद्धू  को सुप्रीम कोर्ट ने 1 साल की सजा सुनाई है. सिद्धू को यह सजा 34 साल पुराने रोड रेज के मामले में सुनाई गई है. पहले इस मामले में नवजोत सिंह सिद्धू को सुप्रीम कोर्ट ने महज एक हजार के जुर्माने पर छोड़ दिया था. लेकिन रोड रेज में जिस बुजुर्ग की मौत हुई थी, उसके परिवार ने रिव्यू पिटीशन दायर की थी. इसी पर सुनवाई करते हुए सिद्धू को अब 1 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है.

1988 के मामले में सिद्धू पर दो केस दर्ज हैं. पहला गैर इरादतन हत्या का और दूसरा रोड रेज का. गैर इरादतन हत्या के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सिद्धू को 15 मई 2018 को बरी कर दिया था. मगर रोड़ रेज के केस में उन पर चोट पहुंचाने की धारा लगी थी, इस मामले में शीर्ष अदालत ने उन पर 1000 रुपए का जुर्माना लगाया था. सुप्रीम कोर्ट के इसी फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील दायर की गई थी. 25 मार्च, 2022 को सुप्रीम कोर्ट ने पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई पूरी करने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया .

पूर्व पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू को 34 साल पुराने रोडरेज के केस में सर्वोच्च न्यायालय ने एक साल की सख्त सजा सुनाई है। 

27 दिसंबर 1988 की शाम को नवजोत सिद्धू अपने दोस्त रूपिंदर सिंह संधू के साथ पटियाला के शेरावाले गेट की मार्केट में कार पार्किंग को लेकर उनकी 65 साल के बुजुर्ग गुरनाम सिंह से कहासुनी हो गई. बात हाथापाई तक जा पहुंची. नवजोत सिंह सिद्धू ने गुरनाम सिंह को घुटना मारकर गिरा दिया. उसके बाद गुरनाम सिंह को अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई. रिपोर्ट में आया कि गुरनाम सिंह की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई.

उसी दिन सिद्धू और उनके दोस्त रूपिंदर पर कोतवाली थाने में गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज हुआ.1999 में सेशन कोर्ट ने केस को खारिज कर दिया.साल 2002 में पंजाब सरकार ने सिद्धू के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की. इसी बीच राजनीति में आ गया.

दिसंबर 2006 को हाईकोर्ट का फैसला आया. हाईकोर्ट ने नवजोत सिंह सिद्धू और संधू को दोषी ठहराते हुए 3-3 साल कैद की सजा सुनाई. साथ ही 1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया. नवजोत सिंह सिद्धू ने लोकसभा से इस्तीफा दे दिया. 

हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई. और सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाई.

संवाददाता अभिषेक गुप्ता की खास रिपोर्ट