कथक सम्राट नहीं रहे

हमारे देश के कथक सम्राट और पद्म विभूषण से सम्मानित पंडित बिरजू महाराज का निधन हो गया है।

कथक सम्राट नहीं रहे

हमारे देश के कला में अतुलनीय योगदान देने वाले कथक सम्राट और पद्म विभूषण से सम्मानित पंडित बिरजू महाराज का दिल का दौरा पड़ने पर निधन हो गया।

परिवार के सूत्रों ने बताया देर रात नाती, पोतों के साथ वह अंताक्षरी खेले रहे थे तभी उनकी अचानक तबीयत बिगड़ी और उन्हें दिल्ली के अस्पताल में ले जाया गया।

पंडित बिरजू महाराज की पोती ने बताया कि वह गुर्दे की बीमारी से पीड़ित थे और उनका डायलिसिस उपचार चल रहा था ।

उनकी पोती ने कहा कि संभवत कार्डियक अरेस्ट से उनकी मृत्यु हो गई है हालांकि हम उन्हें तुरंत अस्पताल ले गए। 

 पंडित बिरजू महाराज का असली नाम ब्रज मोहन मिश्रा था उनका जन्म 4 फरवरी 1938 को लखनऊ में हुआ था। वह 83 साल के थे

उन्हें 1983 में पदम विभूषण, 1986 में कालिदास पुरस्कार, 2002 में भरतमुनि सम्मान और लता मंगेशकर पुरस्कार, 2012 में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार( नृत्य निर्देशन)और 2016 में फिल्मफेयर अवार्ड (नृत्य निर्देशन),अनेकों पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।

पंडित बिरजू महाराज के निधन से उनके चाहने वालों, उनके शिष्यों , संगीत और कला जगत की तमाम शख्सियत ने अपनी संवेदना जताई है।

 पंडित बिरजू महाराज के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा _ भारतीय नृत्य कला को विश्व भर में विशिष्ट पहचान दिलाने वाले पंडित बिरजू महाराज जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है।

पंडित बिरजू महाराज एक बहुमुखी प्रतिभा से सुशोभित थे। वह गुरु, नर्तक ,कोरियोग्राफर, गायक और कंपोजर भी थे. वह तालवाघ बजाते, कविता लिखते और चित्रकारी भी करते हैं .

उनके शिष्य जाने-माने कलाकार हैं और दुनिया भर में फैले हैं।

संवाददाता अभिषेक गुप्ता की खास रिपोर्ट