आजाद हिन्द फौज की स्थापना

आजाद हिन्द फौज की स्थापना

आजाद हिन्द फौज की स्थापना द्वितीय विश्व के दौरान सन् 1943 मे  टोक्यो (जापान) मे रास बिहारी बोस ने भारत को अंग्रेजों के कब्जे से स्वतंत्र कराने के लिये आजाद हिन्द फौज या इण्डियन नेशनल आर्मी नामक सशस्त्र सेना का संगठन किया

 इन नेता के गठन मे कैप्टन मोहन सिंह, राज बिहारी बोस एवं निरंजन सिंह गिल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

 सुभाष चन्द्र बोस पांडुव्वी द्वारा जर्मनी से जापानी नियंत्रण वाले सिंगापुर पहुंचे और पहुँचते ही जून में टोकियो रेडियों से घोषणा की कि वे स्वयं अपना साम्राज्य छोड़ देंगे 

हमें भारत के भीतर और बाहर से स्वतंत्रता के लिये स्वयं संघर्ष करना होगा। 

इस से प्रफुल्लित होकर रास बिहारी बोस ने 4 जुलाई 1943 को 46 वर्षीय सुभाष को आजाद हिन्द फौज का नेतृत्व सौंप दिया

 सिंगापुर के टाउन हाल के सामने सुप्रीम कमाण्डर के रूप में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस जी ने सेना को सम्बोधित करते हुये दिल्ली चलो ! का नारा दिया  ll

 और बोस ने अपने अनुयायियों को जय हिन्द का अमर नारा दिया। 21 अक्टूबर 1943 में सुभाषचन्द्र बोस ने आजाद  हिंद फौज के सर्वोच्च सेनापति की हैसियत से सिंगापुर में स्वतंत्र भारत की अस्थायी सरकार आजाद हिन्दु सरकार की स्थापना की। 

उनके अनुयायी प्रेम से उन्हें नेताजी कहते थे 

संवाददाता अभिषेक गुप्ता की खास  रिपोर्ट