भाभा कैंसर अस्पताल की तरफ से कैंसर स्क्रीनिंग और जागरूकता अभियान बिहार के 16 जिलों में चलाया गया ||

इस बार का कैंसर थीम रहा " क्लोज दी केयर गैप"। यह देखा गया है कि कैंसर मरीज को कैंसर पता लगने के बाद भी इलाज कराने में काफी देर हो जाती है, जिससे खतरा ज्यादा बढ़ता ही रहता है ||

भाभा कैंसर अस्पताल की तरफ से कैंसर स्क्रीनिंग और जागरूकता अभियान बिहार के 16 जिलों में चलाया गया ||

होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र, मुजफ्फरपुर अभी बिहार के 16 जिलों में जाकर काम कर रहे जिससे मुंह का कैंसर, सर्वाइकल कैंसर और स्तन कैंसर की प्रारंभिक लक्षण की जांच की जाती है। बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के मुताबिक बिहार के 14 जिलों के सदर अस्पताल, पीचसी, गांव गांव जाकर डॉ स्क्रीनिंग और जागरूकता अभियान चला रहे है। जिसके तहत अभीतक 2187 से ज्यादा कैंप हुए है, वहीं 153512 (1.50 लाख) लोगों की जांच की गई। जिसमें 262 कैंसर के मरीज मिले जिनका इलाज हो रहा है। इसमें से अभीतक 46 लोगों की सर्जरी होमी भाभा कैंसर संस्थान एवं अनुसंधान केंद्र, मुज्जफ्फरपुर में हो चुकी है। जबकि 34 मरीज अन्यत्र जगह अपना इलाज करा चुके हैं, 8 मरीज का देहांत हो चुका है। जबकि 43 मरीज की कीमोथेरेपी चल रही है। वहीं 1074 कैंसर के संदिग्ध मरीज मिले है जिनकी जांच की जा रही है। 
 इसके साथ ही बिहार सरकार के आशा और एएनएम के साथ 427 ट्रैनिंग हुई जिसमें 9267 स्वास्थ्यकर्मी को प्रशिक्षित किया गया है। आगामी वर्षों में इस कार्यक्रम को बिहार के सभी 38 जिलों में चलाया जाएगा। 
आज विश्व कैंसर दिवस पर बिहार सरकार और होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र मुजफ्फरपुर ने मिलकर बिहार के कैंसर मरीजों के लिए कई घोषणाएं की।


जिसमें 6 जिलों में कैंसर के मरीजों के लिए कीमोथेरेपी की शुरुआत की यह जिला हैं नालंदा, पटना, मुज्जफ्फरपुर, दरभंगा, भागलपुर और पूर्णिया है। इससे कैंसर के मरीजों को कीमोथेरेपी कराने के लिए अब ज्यादा दूर नहीं जाना पड़ेगा। इसके साथ ही वे कैंसर के वह मरीज जिनका इलाज संभव नहीं है उनके लिए पेलिएटिव केयर की शुरुआत 6 जिलों में शुरू की गई है, ये जिला है सिवान, बेगूसराय, नालंदा, पटना, मुज्जफ्फरपुर और दरभंगा है। यह बिहार में अपने तरह का पहला कार्यक्रम है। इस घोषणा के समय बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डे, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, ईडी संजय कुमार और डॉ कौशल कुमार मौजूद रहें।
अभी एसकेएमसीएच संस्थान के जीनोम लैब में बिहार सरकार के डॉक्टर रहेंगे जो एचबीसीएचआरसी के लिए काम करेंगे।अल्ट्रा साउंड गाइडेड बायोप्सी जैसी सुविधा कैंसर मरीज को दे रही है, आगे बिहार के बाकी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में यह व्यवस्था किया जाएगा।


आप सभी को ज्ञात है कि भारत में प्रतिवर्ष 156000 महिलाएं स्तन कैंसर से पीड़ित होती है और उसमें 76,000 की मृत्यु हर साल हो जाती है। वहीं गर्भाशय के मुख का कैंसर से भारत में प्रतिवर्ष 132000 पीड़ित होते है जिसमें 63000 की मौत हो जाती है। जबकि तम्बाकू सेवन के कारण भारत में 250000 पीड़ित होते है और प्रति दिन 2200 लोगों की मृत्यु तम्बाकू सेवन से होने वाली बीमारियों के कारण होती है। इसमें से ज्यादातर संख्या बिहार की होती है। इसीलिए बिहार में शुरुआती लक्षण की जांच और जागरूकता की ज्यादा जरूरत है।
होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल एवं अनुसंधान केंद्र मुजफ्फरपुर के प्रभारी डॉ रविकांत सिंह के अनुसार कैंसर से राहत @75 का मतलब है कि भारतवर्ष का 75 वां स्वतंत्रता दिवस है उसके लिए हमने प्रण लिया है कि हमारे जहां जहां अस्पताल हैं वहां पर समुदाय के साथ काम करेंगे "कैंसर से आज़ादी के लिए, कैंसर से राहत के लिए"। राहत और आज़ादी की जो शुरुआत है उसी का शुभारंभ है। 


हम सभी बिहार के कुल 16 जिलों में बिहार सरकार, नेशनल हेल्थ मिशन और परमाणु ऊर्जा विभाग के साथ कैंसर स्क्रीनिंग और जागरूकता अभियान चलाई जा रही है जिससे कैंसर को समय पर पहचान करके इससे होने वाली मृत्यु को कम किया जा सकता है। इस प्रोग्राम में 3 तरह के कैंसर की स्क्रीनिंग की जाएगी जो मुख का कैंसर, स्तन कैंसर और गर्भाशय के मुख का कैंसर है। अगर हमसभी इन तीनों कैंसर का इलाज समय से शुरू हो जाये तो 70 % कैंसर को बिहार से कम कर पाएंगे। अभी यह स्क्रीनिंग प्रोग्राम 16 जिलों  में शुरू हो चुकी है यह जिला है मुज्जफरपुर, नालंदा, सिवान, भोजपुर,  वैशाली, दरभंगा, मधुबनी, सुपौल, भागलपुर, समस्तीपुर, बेगूसराय, पटना, गया, बक्सर, जहानाबाद और औरंगाबाद है।
इस कार्यक्रम में सामुदायिक स्तर पर कैंसर को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है जिससे कैंसर को लेकर लोगों में कई तरह की भ्रांतिया कम हुई है।


आज 4 फरवरी कैंसर दिवस के उपरांत हमारे  सेंटर उद्दवंत नगर अस्पताल में डॉक्टर धनंजय एवम डॉक्टर शालिनी तथा टीम के द्वारा कैंसर के उपचार एवम रोकथाम पर अवेरनेश प्रोग्राम तथा रोकथाम संबंधित जानकारी दी गई 
जिसमे कैंप के माध्यम से करीब 69 महिला तथा पुरुष के मुंह तथा छाती का जांच किया गया।

संवाददाता : गोबिन्द पासवान