सीएम बनने के बाद पहली ही फ्लाइट पर घिरे चरणजीत सिंह चन्नी, अकाली दल बोला- प्राइवेट जेट से नहीं चलते आम आदमी

सीएम बनने के बाद पहली ही फ्लाइट पर घिरे चरणजीत सिंह चन्नी, अकाली दल बोला- प्राइवेट जेट से नहीं चलते आम आदमी

पंजाब के नये मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी अपने पहले ही फ्लाइट को लेकर घिर गये हैं। दरअसल चरणजीत सिंह जन्नी कांग्रेस नेताओं से मुलाकात के लिए दिल्ली पहुंचे हैं। उनके साथ पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू और डिप्टी चीफ मीनिस्टर भी पहुंचे हैं। कांग्रेस आलाकमान से मिलने के लिए यह सभी एक प्राइवेट जेट से दिल्ली पहुंचे। इनके प्राइवेट जेट से दिल्ली पहुंचने के बाद अब शिरोमणि अकाली दल ने नए मुख्यमंत्री को यह कह कर घेरा है कि आम जनता प्राइवेट जेट से नहीं चलती है। 

बताया जा रहा है कि दिल्ली में चरणजीत सिंह और अन्य नेता कांग्रेस के नेताओं से मुलाकात कर 18-सूत्री एजेंडे पर चर्चा करेंगे और साथ ही साथ नए कैबिनेट को लेकर भी इस मीटिंग में चर्चा होने वाली है। दिल्ली के लिए उड़ान भरने से पहले नवजोत सिंह सिद्धू ने एक तस्वीर अपने ट्विटर हैंडल से शेयर की है जिसमें वो मुख्यमंत्री के साथ प्राइवेट जेट के बाहर खड़े नजर आ रहे हैं। 

इस तस्वीर को देखने के बाद अकाली दल ने इसपर प्रतिक्रिया देते हुए अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर लिखा कि, 'आम आदमी के साथ खड़े होने की बात कहने के बाद कांग्रेस के नेता चंडीगढ़ से दिल्ली महज 250 किलोमीटर जाने के लिए प्राइवेट जेट का इस्तेमाल करते हैं। क्या कोई साधारण विमान या कारें नहीं हैं, जिनका वो इस्तेमाल कर सकें? यहां गांधी परिवार के दिल्ली दरबार संस्कृति का नमूना है।' यहां आपको याद दिला दें कि मुख्यमंत्री बनने के बाद चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा था कि मैं आदमी हूं...यह आम आदमी की सरकार है। 

सूत्रों ने बताया कि यह पंजाब से आई यह टीम दिल्ली में कांग्रेस महासचिव हरीश रावत के साथ मुलाकात करेगी। रावत कांग्रेस के पंजाब मामलों के प्रभारी हैं। चन्नी, रंधावा और एक अन्य उपमुख्यमंत्री ओ पी सोनी ने सोमवार को पद और गोपनीयता की शपथ ली थी । इससे दो दिन पहले शनिवार को पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने त्यागपत्र दे दिया था । प्रदेश में करीब साढे चार महीने बाद विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।
      
बेहद विचार विमर्श एवं सलाह के बाद कांग्र्रेस ने चन्नी को पंजाब में विधायक दल का नेता चुना था । इसके साथ ही रंधावा और सोनी को उपमुख्यमंत्री पद के लिये चुना गया । दोनों क्रमश: जट सिख एवं हिंदू हैं । सूत्रों ने बताया कि मंत्रिमंडल में नये चेहरों को शामिल किया जा सकता है, दिल्ली की बैठक में इन उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा होगी ।
      
इस बात के संकेत हैं कि कैप्टन के साथ सत्ता संघर्ष में सिद्धू के साथ खड़े होने वाले नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। मंत्रिमंडल में शामिल किये जाने वालों में अमरिंदर सिंह राजा वारिंग , मदन लाल जलालपुर, इंदरबीर सिंह बोलारिया, गुरकीरत सिंह कोटली, परगट सिंह और संगत सिंह गिल्जियां का नाम चर्चा में है।
      
परगट सिंह को सिद्धू का करीबी माना जा रहा है जो अभी पंजाब कांग्रेस के महासचिव हैं और गिल्जियां पार्टी की प्रदेश इकाई के कार्यकारी अध्यक्ष हैं । ऐसी अटकले हैं कि कैप्टन के विश्वासपात्र गुरमीत सिंह सोढी और साधू सिंह धरमसोत कैबिनेट में बने रह सकते हैं । सोढी खेल मंत्री जबकि धरमसोत सामाजिक न्याय मंत्री थे।