महंत नरेंद्र गिरि की मौत खुदकुशी या हत्या? जानें, एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने क्या कहा

अखाड़ा परिषद अध्यक्ष नरेंद्र गिरिके मौत की खबर सुनकर हर कोई सन्न है। एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार के मुताबिक महंत नरेंद्र गिरिका शव उनके अनुयायिओं द्वारा दरवाजा तोड़ कर फंदे से उतारा गया है। मौके से सुसाइड नोट मिला है। जिसपर प्रताड़ना से परेशान होने की बात कही गई है।

महंत नरेंद्र गिरि की मौत खुदकुशी या हत्या? जानें, एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने क्या कहा

आनंद गिरिसे कई दिनों तक चला था विवाद: 

साधु संतों की बड़ी संस्था अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरिऔर उनके शिष्य योग गुरू आनंद गिरिके बीच कुछ महीने पहले संपत्ति विवाद हुआ था। इसमें समझौता हो गया था। परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरिने उस समय बताया था कि आनंद गिरि ने उनके पैर पकड़कर मांगी माफी मांगते हुए सोशल मीडिया, टीवी चैनलों और समाचार पत्रों में दिए गए बयान को वापस ले लिया था। 

उस समय आनंद गिरिने बताया था कि परिषद के अध्यक्ष नरेन्द्र गिरिके साथ सभी प्रकार के पिछले विवादों को खत्म कर लिया है। उन्होंने कहा था कि गुरू शिष्य परंपरा को बनाये रखने के लिए भवावेश में जो भी गलत बयान दिया उसको वापस लेता हूं, क्षमा मांग रहा हूं। उन्होंने कहा था कि अखाड़ा एवं पंच परमेश्वर से भी क्षमा प्रार्थी हूं। अत: अपने गुरू की कृपा में हमेशा बना रहूंगा। महंत नरेन्द्र गिरिने कहा था कि,“शिष्य आनंद गिरिद्वारा किये गये सभी कृत्यों की माफी मांग लेने पर संत हृदय एवं गुरू परंपरा “ क्षमा बड़न को चाहिए छोटन को अपराध” के उच्च् मानदंडों के कारण माफ करता हूं।” उन्हे आगामी गुरू पूर्णिमा पर आश्रम में आकर गुरू की पूजा करने की इजाजत देता हूं। महंत नरेंद्र गिरि ने श्री मठ बाघम्बरी गद्दी एवं बड़े हनुमान मंदिर में आनंद गिरिके आने पर लगाई पाबंदी हटाई और उनपर लगाए आरोपों को भी वापस लिया था । '

गौरतलब है कि 14 मई को पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी से स्वामी आनंद गिरिपर परिवार से संबंध रखने पर निष्कासित होने और मठ और मंदिर के धन के दुरुपयोग के मामले में कार्रवाई हुई थी, जिसके बाद गुरु शिष्य के बीच बढ़ गया था। विवाद इस कदर बढ़ गया था कि आनंद गिरिसोशल मीडिया पर लगातार अपने गुरु महंत नरेंद्र गिरिके खिलाफ बयान दे रहे थे।