विश्व रंगमंच दिवस पर नुक्कड़ नाटक "झकझोर" की हुई प्रस्तुति

विश्व रंगमंच दिवस पर,आरा रंगमंच,आरा के तरफ से वीर कुअँर सिंह,एस्टेडियम के पास शाम 5 बजे से नुक्कड़ नाटक "झकझोर" की प्रस्तुति हुई।

विश्व रंगमंच दिवस पर नुक्कड़ नाटक "झकझोर" की हुई प्रस्तुति

कार्यक्रम के सबसे पहले मंच के महासचिव वरिष्ठ रंगकर्मी एवं सामाजिक कार्यकर्ता अशोक मानव ने विश्व रंगमंच दिवस पर विस्तार अपनी बात रखते हुये कहा कि आज के मवजुदा समय मे या इस से पहले भी देखा गया है कि समाज मे जब भी कोई बड़ा परिवर्तन हुआ है उसमें रंगकर्म की बहुत हीं बड़ी भूमिका रही है। इस लिए उपस्थित लोगों से आग्रह किया कि आप सभी भी अपना योगदान रंगकर्म में सहयोग कर करें। 


इस "झकझोर" नाटक में प्रमुख रूप से कलाकारों ने अपने नाटक संवाद और समूह लोक गायन चैता व चैती के माध्यम से बताया कि हमारे समाज मे ये महीने हम सभी के लिए बहुत हीं महत्व पूर्ण रहा है, इस पूरे महीने में लोग बहुत ही कड़ी परिश्रम कर फसल काट कर साल भर का अनाज गेहूं,चना आदि अपने घरों में भंडारण करते हैं और साथ मे अन्न होने की खुशी में सामूहिक गीत चैता गाकर उत्सव मनाते हैं।


इस नाटक में गांव के बुजुर्ग की भूमिका में वरिष्ठ रंगकर्मी अशोक मानव,युवा मो सलमान,लोक गया की भूमिका में राजा बसंत बहार एंव निराला जी, श्याम शर्मिला, लक्ष्मण पांडे,पंकज भट्ट,लाल बहादुर लाल, किशन सिंह,रतन देवा अपनी भूमिका से दर्शोकों को खूब मनोरंजन किया।
धन्यवाद ज्ञापन व व्यवस्था मनोज श्रीवास्तव ने किया।
कार्यक्रम में प्रमुख्य लोगों की उपस्थिति में रोशन कुमार, कमलेश कुंदन,बिजय मेहता, साहेब यादव, बिजय मेहता, श्रीधर शर्मा,अखिलेन्द्र सिंह, इन्द्रदीप नारायण,रविन्द्र कुमार,  सुशील कुमार, फ्रलाद सिंह,ब्रजेश यादव,संतोष यादव थे।
अशोक मानव

संवाददाता-गोबिन्द पासवान