दुष्कर्म के बाद कारोबारी ने किया था युवती का कत्ल, बहन ने लगाया आरोप

दुष्कर्म के बाद कारोबारी ने किया था युवती का कत्ल, बहन ने लगाया आरोप

कल्याणपुर थानाक्षेत्र के गुलमोहर अपार्टमेंट इंदिरानगर में डेयरी कारोबारी प्रतीक का 10वीं मंजिल पर फ्लैट नंबर 1006 है। वह मंगलवार को तीन दिन पहले नियुक्त 19 वर्षीय सेक्रेटरी को लेकर घर आया था। शाम 6:45 बजे युवती फ्लैट की बालकनी से नीचे गिरी, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। वह गीता नगर की रहने वाली है। इस मामले में युवती की बड़ी बहन ने आरोपित प्रतीक के खिलाफ हत्या, दुष्कर्म और छेड़छाड़ की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। तहरीर के मुताबिक उसकी बहन ने इसी वर्ष इंटर की परीक्षा पास की थी। लाकडाउन के दौरान उसने काकादेव स्थित एक प्रतिष्ठान में काम किया, लेकिन बाद में नौकरी छूट गई। उसकी बहन की सहेली रेखा ने उसे नारामऊ स्थित माडल डेयरी में वैकेंसी के बारे में बताया। 18 सितंबर को इंटरव्यू हुआ। 19 सितंबर से सुबह 11 से शाम सात बजे तक नारामऊ स्थित डेयरी पर ड्यूटी टाइम तय हुआ। काम कालिंग व मार्केटिंग का था। इसके बावजूद 20 सितंबर को प्रतीक बहन को अपने फ्लैट पर ले गया। दोपहर बाद करीब साढ़े चार बजे उसने उसके साथ अश्लील हरकतें शुरू कर दीं, जिसका उसने विरोध किया तो प्रतीक ने उसे नौकरी से निकालने की धमकी दी। आरोप है कि दुष्कर्म के बाद बहन को प्रतीक ने बालकनी से फेंक दिया।

इनका ये है कहना: एडीशनल डीसीपी पश्चिम बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि घटनास्थल और आरोपित के फ्लैट की फारेंसिक जांच की गई है। जांच में हत्या के पर्याप्त सबूत पुलिस को मिले हैं। इसी आधार पर आरोपित प्रतीक को जेल भेजा गया है।

दुष्कर्म के बाद हत्या का भी मुकदमा: इस मामले में आरोपित डेयरी कारोबारी के खिलाफ दुष्कर्म के बाद हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। युवती की बहन ने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया कि दुष्कर्म के बाद उसकी बहन को बालकनी से नीचे फेंका गया, जिससे उसकी मौत हो गई। वहीं, दूसरी ओर पुलिस और फारेंसिक टीम भी इसी कहानी को पुख्ता मानकर जांच आगे बढ़ा रही है। इसी आधार पर पुलिस ने बुधवार को आरोपित प्रतीक वैश्य को अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में 14 दिनों के लिए जेल भेज दिया गया।

पुलिस की कार्यप्रणाली पर गुस्सा: स्वजन में कल्याणपुर पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर गुस्सा है। स्वजन के मुताबिक गिरफ्तारी के बाद प्रतीक को रात भर थाने में वीआइपी ट्रीटमेंट दिया गया। बैठने के लिए आराम कुर्सी दी गई और रात भर अफसर उसकी आवभगत करते रहे।

दोपहर बाद तक नहीं हुआ पोस्टमार्टम: कल्याणपुर पुलिस की भूमिका शुरुआत से संदेहास्पद रही है। मौके पर थाने के एक दारोगा द्वारा पीड़ित स्वजन को डांटने की घटना हुई थी। बाद में रात को थाने का एक दारोगा खुद तहरीर लिखने बैठ गया था। मृतका की बहन को अंदर कमरे में ले जाकर उसने अपने हिसाब से तहरीर लिखवाने की कोशिश की। मंगलवार देर शाम हुई घटना में शव का पोस्टमार्टम बुधवार शाम शुरू हुआ। पंचनामा देर से आने के कारण पोस्टमार्टम शाम को करीब पांच बजे शुरू हुआ।

परिचित युवक बनेगा बड़ा गवाह: पुलिस को पता चला है कि मृत्यु से ठीक पहले युवती ने किसी युवक को अपने मोबाइल फोन से काल की थी। पुलिस का अनुमान है कि युवती ने मदद की गुहार के लिए उसे फोन किया होगा। पुलिस मोबाइल फोन की काल डिटेल निकाल रही है ताकि उस युवक तक पहुंचा जा सके। इसकी जानकारी पुलिस को तब लगी जब आरोपित प्रतीक ने पुलिस को बताया कि युवती ने एक युवक से बातचीत के बाद बालकनी से छलांग लगाई। पुलिस के मुताबिक इस युवक का पता लगने के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि युवती की उस युवक से क्या बातचीत हुई थी। युवक बड़ा साक्ष्य साबित हो सकता है।

25 लाख मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग: युवती के स्वजन के बवाल की आशंका के चलते पोस्टमार्टम हाउस छावनी में तब्दील रहा। एडीसीपी पश्चिम बृजेश कुमार श्रीवास्तव, थाना प्रभारी बजरिया, महिला थाना प्रभारी स्नेहलता, स्वरूप नगर थाना प्रभारी अश्वनी कुमार फोर्स संग मौजूद रहे। युवती की बड़ी बहन ने 25 लाख रुपये का मुआवजा, परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी दिए जाने का एडीएम को संबोधित ज्ञापन एसीएम छह को सौंपा।

पुलिस का दावा प्रतीक ने स्वीकार की हत्या की वारदात: पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में दावा किया गया है कि प्रतीक ने हत्या की बात स्वीकार कर ली है। पुलिस के मुताबिक उसने युवती को लालच दिया कि अगर वह उसके साथ शारीरिक संबंध बनाती है तो वह उसे पैसे देगा, मगर वह तैयार नहीं हुई। इस पर उसने उसके साथ दुष्कर्म किया। समझाते हुए वह बालकनी तक आया। उसे पैसों का लालच दिया। जब वह नहीं मानी तो उसने उसे उठाकर बालकनी से नीचे फेंक दिया।