संजय सिंह के खिलाफ कानपुर के बर्रा थाने में दी गई तहरीर

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद माननीय संजय सिंह के खिलाफ कानपुर के बर्रा थाने में दी गई तहरीर

संजय सिंह के खिलाफ कानपुर के बर्रा थाने में दी गई तहरीर

कानपुर आज दिनांक 19 अगस्त 20 21 दिन गुरुवार को आम आदमी पार्टी के पूर्व जिला कार्यकारिणी सदस्य एवं पूर्व पार्षद मदनलाल भाटिया ने एक प्रेस बयान में जानकारी देते हुए बताया कि कानपुर के बर्रा थाने में आम आदमी पार्टी के उत्तर प्रदेश के प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद माननीय संजय सिंह जी के खिलाफ उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ उठाई गई आवाज के संबंध में एक ऐसे व्यक्ति द्वारा तहरीर दी गई है,
 जिसका स्वयं का अपराधिक इतिहास है।  जिसकी हिस्ट्री सीट भी बर्रा थाने में खुली हुई हैं। जिसकी संख्या 1299 है। 

उल्लेखनीय है की राज्यसभा सांसद एवं उत्तर प्रदेश के प्रभारी श्री संजय सिंह जी द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार में वरिष्ठ मंत्रियों के संरक्षण में हो रहे प्रत्येक घोटाले जैसे , करोना काल में ऑक्सीमीटर और टेंपरेचर मीटर की खरीद में हुआ घोटाला ,
पीएम केयर्स फंड से खरीदे गए ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की खरीद में घोटाला ,वर्तमान में जल विभाग में ब्लैक लिस्टेड कंपनियों से खरीदे गए खराब सामान को उजागर करने के लिए उठाई गई आवाज आदि कुछ प्रमुख मामले हैं जिसका जवाब उत्तर प्रदेश सरकार के पास नहीं है। आम आदमी पार्टी भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करती रही है और करती रहेगी।
हम गीदड़ भभकी और मुकदमों से डरने वाले नहीं हैं।

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व पार्षद मदन लाल भाटिया ने विज्ञप्ति में बताया की वर्तमान की उत्तर प्रदेश की सरकार में अपराधी प्रवृत्ति के लोग राजनीतिक संरक्षण में सुरक्षित है। और उसी थाने में हिस्ट्री शीट होने के बावजूद संबंधित 
थानाध्यक्ष को तहरीर दे रहे हैं।

पूर्व पार्षद एवं आम आदमी पार्टी के पूर्व कार्यकारिणी सदस्य मदनलाल भाटिया ने कानपुर के पुलिस कमिश्नर से मांग की है, कि इस संपूर्ण प्रकरण को संज्ञान में लेकर संबंधित थानाध्यक्ष की भूमिका की भी जांच की जानी चाहिए।
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता मदन लाल भाटिया ने बताया कि इस संबंध में प्रदेश संगठन को अवगत करा दिया गया है भ्रष्टाचार के खिलाफ इस लड़ाई को अनवरत जारी रखने का निर्णय लिया गया है।

आम आदमी पार्टी भ्रष्टाचार के खिलाफ हमेशा आवाज उठाती रहेगी इस तरह के मुकदमों से हमारी आवाज बंद नहीं की जा सकती।