उत्तर प्रदेश लखनऊ साइबर अपराध के मामले दिन बा दिन प्रदेश में बढ़ते ही जा रहे है

साइबर अपराध के मामले दिन बा दिन प्रदेश में बढ़ते ही जा रहे हैं। आलम यह है की अपराधियों ने पुलिस अधिकारियों को ही निशाना बनाना शुरू क्र दिया है। जिसके चलते साइबर क्रिमिनल के प्रति अब पुलिस और भी ज़्यादा सक्रीय हो गई है। बता दें, अब साइबर क्रिमिनल फेसबुक मैसेंजर के ज़रिए से एकाउंट की क्लोनिंग कर पैसे ऐंठ रहे हैं। पिछले एक महीने में एक CO सहित दो थाना प्रभारी और 12 पुलिसकर्मियों की फेसबुक आइडी को क्लोनिंग किया जा चूका है।

उत्तर प्रदेश लखनऊ साइबर अपराध के मामले दिन बा दिन प्रदेश में बढ़ते ही जा रहे है

24 घंटे में इतनी ID हुई हैक 

बता दें, ऊधमसिंह नगर जिले में पिछले एक महीने में ही ID क्लोनिंग के 24 मामले सामने आए हैं। ताजा मामला खटीमा CO मनोज ठाकुर का है। उनकी फेसबुक आइडी चार दिन पहले हैक हो गई थी। जिसके बाद उन्होंने अपने जानने वालों को सतर्क किया और अपनी प्रोफाइल पिक्चर भी बदल दी। इससे पहले साइबर क्रिमिनलों ने थानाध्यक्ष ITI विद्या दत्त जोशी की आइडी हैक करके उनके जानने वालों से पैसे मांगे। जानकारी होने पर थानाध्यक्ष ने साइबर सेल में शिकायत की। उन्होंने अपने शुभचिंतकों से कहा कि वह किसी भी झांसे में न आएं। उनकी आइडी हैक हो गई है। पैसे की जरूरत नहीं है। किसी के भी खाते में पैसे न भेजें। इससे पहले किच्छा थाना प्रभारी चंद्रमोहन ङ्क्षसह की आइडी की क्लोनिंग कर उसे हैक कर दिया गया। इसपर उन्होंने सोशल मीडिया पर सभी को आइडी हैक होने के प्रति सचेत किया।

ऐसे मांग रहे हैं ठग पैसे 

आपको बता दें, फेसबुक आइडी का क्लोन बनाने वाले फेसबुक वाल पर न जाकर फ्रेंड लिस्ट में शामिल लोगों के मैसेंजर के माध्यम से पैसे मांगते हैं। इसमें पैसा मांगने के लिए स्पीकर तक उपलब्ध कराया जाता है। बहाना ये होता है की तबीयत खराब है, अस्पताल में भर्ती हैं और अति आवश्यक स्थिति दिखा कर पैसे देने की अपील की जा रही है। साइबर क्रिमिनलों ने बड़े अधिकारियों और राजनेताओं को भी निशाना बनाया है। इसी तरह व्यवसायियों और नामचीन हस्तियों के फेसबुक एकाउंट का क्लोन तैयार कर उनके मित्रों से भी पैसे की मांग कर चुके हैं।

इस बात का रखें ध्यान 

इस पूरे मामले के बाद, साइबर सेल के प्रभारी ललित जोशी बताते हैं कि "जब भी किसी फेसबुक आइडी से मदद के नाम पर रुपये मांगें जाएं तो पहले उस व्यक्ति के मोबाइल से संपर्क करें। आइडी की क्लोनिंग तभी होगी जब आप की प्राइवेसी सेङ्क्षटग मजबूत नहीं होगी। इसलिए अनजान लोगों के लिए लॉक जरूर लगाएं। अपनी आइडी वनली मी या वनली फ्रेंड में रखेंगे तो साइबर अपराधी आपकी आइडी में नहीं प्रवेश कर पाएंगे।"