वाराणसी में रोपवे: सर्वे का काम पूरा, इन चार स्टेशनों पर होगा ठहराव, हर डेढ़ मिनट में मिलेगी ट्रॉली

दुनिया भर से बनारस आने वाले सैलानियों को अब कैंट स्टेशन से गिरिजाघर तक के सफर के लिए रोपवे की सुविधा मिलेगी।

वाराणसी में रोपवे: सर्वे का काम पूरा, इन चार स्टेशनों पर होगा ठहराव, हर डेढ़ मिनट में मिलेगी ट्रॉली

कैंट स्टेशन से गिरिजाघर तिराहे के बीच प्रत्येक डेढ़ मिनट पर ट्रॉली से यात्री आगे का सफर कर सकेंगे। इस पूरी परियोजना की फिजिबिलिटी रिपोर्ट वैपकास ने बुधवार को सौंप दी है। विकास प्राधिकरण की ओर से बृहस्पतिवार को रोपवे परियोजना का फाइनल ड्राफ्ट शासन को भेज दिया जाएगा।

यातायात की संजीवनी के रूप में तैयार हुई रोपवे परियोजना अब धरातल पर उतरने को तैयार हो गई है। वैपकास कंपनी की ओर से सर्वे रिपोर्ट पूरा कर उसे विकास प्राधिकरण को सौंप दिया गया है।फिजिबिलिटी रिपोर्ट में कैंट स्टेशन से शुरू होने वाले रोपवे को गिरिजाघर तक ले जाने का प्रस्ताव है और इसमें साजन तिराहे के अलावा रथयात्रा पर यात्री ठहराव होगा। वैपकास की ओर से तैयार रिपोर्ट में कैंट स्टेशन स्थित पं. कमलापति त्रिपाठी इंटर कॉलेज के सामने से रोपवे परियोजना की शुरुआत होगी

बनारस शहर में करीब 45 मीटर से ऊंचाई से गुजरने वाले रोपवे को साजन तिराहा, सिगरा, रथयात्रा, लक्सा होते हुए गिरिजाघर पर पर पहुंचाया जाएगा। पांच किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर खर्च होने वाले 424 करोड़ रुपये का पूरा खाका भारत सरकार की सहयोगी कंपनी वैपकॉस ने तैयार कर दिया है। यहां बता दें कि रोपवे परियोजना पर आने वाले खर्च पर केंद्र और राज्य सरकार के बीच सहमति बन चुकी है। इसमें 80 फीसदी अंशदान केंद्र सरकार का और 20 फीसदी राज्य सरकार का होगा। 

विकास प्राधिकरण पूरी परियोजना की नोडल एजेंसी के रूप में नामित की जाएगी। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर वैपकास और वीडीए के बीच संसाधनों की उपलब्धता के लिए एग्रीमेंट किया गया है। मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने कहा कि  वैपकास की फाइनल रिपोर्ट आ गई है और इसे बृहस्पतिवार को शासन को भेजी जाएगी। डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमी की सहमति के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी। 

रोपवे परियोजना के करीब पांच किलोमीटर लंबे रूट पर 220 ट्राली के संचालन का प्रस्ताव दिया गया है। एक समय में इसमें एक हजार से ज्यादा यात्री सफर कर पाएंगे। इसमें पूरे दिन में 20 से 25 हजार यात्रियों को सुगम यातायात की सुविधा होगी। कैंट, साजन तिराहा, रथयात्रा और गिरिजाघर चौराहे पर रोपवे स्टेशन के लिए जमीन चिह्नित की गई है। इस पर थोड़ी बाधा भी बताई गई है।

रोपवे परियोजना का फाइनल ड्राफ्ट शासन को भेज दिया गया है। प्रदेश सरकार के शहरी आवास विभाग की संस्तुति के बाद यह केंद्र सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमी में भेजा जाएगा और वहां से सहमति के बाद इस परियोजना पर काम शुरू किया जाएगा। उम्मीद है कि अक्तूबर के दूसरे सप्ताह तक इस पर फाइनल मुहर लग जाएगी और इसके बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी।

यूपी के चित्रकूट और मिर्जापुर के बाद अब बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में पर्यटक रोपवे का रोमांचक सफर कर सकेंगे। कैंट से गोदौलिया के बीच यूपी के सबसे बड़े रोपवे का तोहफा जल्द ही वाराणसी को मिलेगा। सब कुछ ठीक रहा तो इसी साल के अंत तक रोपवे निर्माण का काम भी शुरू हो जाएगा